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8th Pay Commission से पेंशनर्स की लग सकती है लॉटरी! ₹45,000 न्यूनतम पेंशन और OPS बहाली की उठी मांग

8th Pay Commission OPS vs NPS: देश में जबसे 8वें वेतन आयोग का गठन हुआ है तभी से सरकारी कर्मचारियों में सैलरी और पेंशन को लेकर चर्चा तेज है। कोई फिटमेंट फैक्टर की बात करता है तो कोई भत्तों की। संगठनों ने पेंशन सुधारों को लेकर बड़ा मोर्चा खोल दिया है। NPS और UPS के बाजार-आधारित अनिश्चित रिटर्न से नाराज यूनियनों ने OPS की बहाली, न्यूनतम ₹45,000 पेंशन और अंतिम वेतन के 50% गारंटीड पेंशन की मांग रखी है। जानिए ये 4 प्रमुख मांगे

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 25, 2026 पर 9:03 AM
8th Pay Commission से पेंशनर्स की लग सकती है लॉटरी! ₹45,000 न्यूनतम पेंशन और OPS बहाली की उठी मांग
केंद्रीय कर्मचारी एकजुट होकर 'गारंटीड पेंशन' और अंतिम वेतन के 50% के फिक्स फॉर्मूले की मांग कर रहे हैं

8th Pay Commission OPS vs NPS Demand: देश में जबसे 8वें वेतन आयोग का गठन हुआ है तभी से सरकारी कर्मचारियों में सैलरी और पेंशन को लेकर चर्चा तेज है। कोई फिटमेंट फैक्टर की बात करता है तो कोई भत्तों की। वही रिटायर हो चुके कर्मचारियों के बीच पुरानी पेंशन योजना और नेशनल पेंशन सिस्टम को लेकर बहस होती है।

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें वेतन आयोग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 3 नवंबर 2025 को गठित इस आयोग को 10 महीने से अधिक का समय हो चुका है। देश के अलग-अलग शहरों में कर्मचारी यूनियनों और एसोसिएशनों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। सितंबर में पुडुचेरी और चंडीगढ़ में हुई बैठकों के बाद अब 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में केंद्रीय कर्मचारियों की मांगें सुनी जाएंगी।

आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का वक्त दिया गया है, जिसके अनुसार रिपोर्ट मई-जून 2027 तक सरकार को सौंपी जा सकती है। बैठकों में फिटमेंट फैक्टर, सैलरी रिवीजन और भत्तों के अलावा सबसे गर्मा-गर्मी वाला विषय पुरानी पेंशन योजना (OPS) बनाम नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का बना हुआ है। साल 2004 के बाद सेवा में आए केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठन अब 'गारंटीड पेंशन' की मांग पर अड़ गए हैं।

क्यों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बना 'OPS vs NPS'?

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