8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन के बाद अब वेतन स्ट्रक्चर, महंगाई भत्ते (DA) और फिटमेंट फैक्टर में बदलाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। अगर आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं, तो न्यूनतम बेसिक पे में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।
सैलरी में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। अनुमानों के अनुसार, न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये तक हो सकती है। वेतन वृद्धि पे-मैट्रिक्स के 18 अलग-अलग स्तरों के आधार पर होगी। हर लेवल के कर्मचारी और रिटायर्ड व्यक्ति को उनकी वर्तमान बेसिक पे के हिसाब से अलग-अलग रिवीजन देखने को मिलेगा।
DA और फिटमेंट फैक्टर में क्या बदलेगा?
8वां वेतन आयोग न केवल सैलरी बढ़ाएगा, बल्कि भत्तों के निर्धारण के तरीके में भी बदलाव ला सकता है। DA का स्तर सीधे तौर पर सैलरी हाइक को प्रभावित करेगा। फिटमेंट फैक्टर में संभावित वृद्धि से कर्मचारियों की कुल आय और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों पेंशन और ग्रेच्युटी में बड़ी बढ़ोतरी होगी।
कब लागू होगा नया वेतन ढांचा?
आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग की अधिसूचना 17 जनवरी 2025 को जारी की गई थी। नए वेतन ढांचे को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाना है। उम्मीद है कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें 2027 के मध्य तक सौंप देगा। पिछले वेतन आयोगों के इतिहास को देखें तो गठन से क्रियान्वयन तक 2 से 3.5 साल का समय लगता है। ऐसे में कर्मचारियों को वास्तविक लाभ के लिए 2026 के अंत या 2027 तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
कौन ले रहा है आपके वेतन पर फैसला?
सरकार ने इस बार एक बेहद अनुभवी पैनल तैयार किया है जो सैलरी स्ट्रक्चर और पेंशन फॉर्मूले पर काम कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई इस पैनल का नेतृत्व कर रही हैं। पैनल में पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य पुलक घोष और पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन (सदस्य-सचिव) शामिल हैं। आयोग ने कर्मचारी यूनियनों, श्रम समूहों और पेंशन संगठनों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।