8th Pay Commission: 283% तक बढ़ सकती है आपकी सैलरी! अगर इस फॉर्मूले पर मान गई सरकार तो लग जाएगी लॉटरी

8th Pay Commission Updates: कर्मचारी प्रतिनिधियों का तर्क है कि वर्तमान वेतन ढांचा आज की महंगाई और असल जरूरतों के हिसाब से बहुत कम है। मोबाइल डेटा, इंटरनेट और डिजिटल खर्चे अब अनिवार्य हो गए हैं। पिछले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी आवास की लागत में भारी वृद्धि हुई है

अपडेटेड May 03, 2026 पर 10:14 AM
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कर्मचारी संगठनों ने इस बार 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जो पिछले आयोग के 2.57 से काफी ज्यादा है

8th Pay Commission Latest News: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर है। 8वें वेतन आयोग और कर्मचारी यूनियनों के बीच पहले दौर की औपचारिक बातचीत बीते दिनों संपन्न हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग की है, जो 7वें वेतन आयोग के 18,000 रुपये के मुकाबले सीधे 283% की वृद्धि होगी। बढ़ते महंगाई को देखते हुए संगठनों की तरफ से 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की डिमांड की जा रही है। सरकार अगर यह मांग स्वीकार कर लेती है, तो करीब 36 लाख कर्मचारियों और लाखों पेंशनभोगियों की बंपर लॉटरी लग सकती है।

3.83 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?

कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) ने इस बार 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जो पिछले आयोग के 2.57 से काफी ज्यादा है। फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर है जिससे बेसिक पे को गुणा किया जाता है। अगर आपकी वर्तमान बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो 3.83 फिटमेंट फैक्टर के साथ नया बेसिक वेतन 18,000×3.83=68,940 रुपये यानी लगभग ₹69,000 हो जाएगा। इसी फॉर्मूले से न्यूनतम पेंशन भी ₹9,000 से बढ़कर ₹34,470 होने की उम्मीद है।


आखिर 69,000 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग क्यों?

कर्मचारी प्रतिनिधियों का तर्क है कि वर्तमान वेतन ढांचा आज की महंगाई और असल जरूरतों के हिसाब से बहुत कम है। मोबाइल डेटा, इंटरनेट और डिजिटल खर्चे अब अनिवार्य हो गए हैं। पिछले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी आवास की लागत में भारी वृद्धि हुई है। यूनियन ने सालाना इंक्रीमेंट को भी 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की है। NC-JCM के संयोजक शिव गोपाल मिश्रा के अनुसार, यह मांगें रेलवे, रक्षा, डाक, आयकर और अन्य सिविल सेवा के कर्मचारियों की ओर से रखी गई हैं।

OPS की बहाली और भत्तों पर भी जोर

बैठक में केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई:

पुरानी पेंशन योजना (OPS): बाजार पर आधारित पेंशन के बजाय निश्चित आय वाली पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की पुरजोर मांग की गई है।

भत्तों में रिफॉर्म: हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और रेलवे व डिफेंस जैसे जोखिम भरे क्षेत्रों में बेहतर मुआवजे की मांग की गई है।

हर 5 साल में रिवीजन: कर्मचारियों का कहना है कि पे कमीशन का गैप 10 साल से घटाकर 5 साल कर देना चाहिए, ताकि मुद्रास्फीति का असर कम हो सके।

कब तक लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। कमीशन विभिन्न हित धारकों से सलाह-सुझाव लेने के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपेगा। इसके बार केन्द्रीय कैबिनेट इस पर अंतिम मुहर लगाएगा।

वैसे इसके लिए अभी कोई कंफर्म डेट की घोषणा नहीं की गई है। वैसे कर्मचारियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये लागू चाहे जब भी हो उन्हें 1 जनवरी 2026 से जोड़कर उनके एरियर का भुगतान किया जाएगा।

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