8th Pay Commission Salary Hike: जब भी नया वेतन आयोग आता है, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है- 'मेरी सैलरी में कुल कितने रुपये की बढ़ोतरी होगी?' इसका सटीक जवाब छुपा है आजादी के बाद से अब तक के ऐतिहासिक ट्रेंड में। अगर हम पिछले 70 सालों का गणित देखें, तो सरकार ने हर वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी को पिछले आयोग के मुकाबले कम से कम ढाई से तीन गुना तक बढ़ाया है। आइए, इसी ट्रेंड के फॉर्मूले से समझते हैं कि 8वें वेतन आयोग में आपकी जेब में कितने एक्स्ट्रा रुपये आने वाले हैं।
पिछले वेतन आयोगों में कितनी गुना बढ़ी सैलरी?
इस ट्रेंड के हिसाब से 8वें वेतन आयोग में कितना पैसा बढ़ेगा?
फिलहाल 7th CPC के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18000 है। 8वें वेतन आयोग में सैलरी तय करने के लिए सरकार जिस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देगी, उसी के आधार पर तय होगा कि आपके खाते में कितने रुपये बढ़ेंगे। इन तीन अलग-अलग संभावनाओं से इसे समझिए:
सिर्फ बेसिक ही नहीं, भत्तों में भी होगा बंपर फायदा
यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ बेसिक सैलरी में है। जब बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो उसके ऊपर मिलने वाले अन्य भत्ते भी खुद-ब-खुद बढ़ जाते हैं:
मकान किराया भत्ता(HRA): बेसिक सैलरी बढ़ते ही शहरों के कटेगरी (X, Y, Z) के हिसाब से मिलने वाला HRA भी बढ़ जाएगा।
यात्रा भत्ता(TA): इसमें भी बेसिक के अनुपात में बड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी।
पेंशनर्स को ₹11,500+ का फायदा: वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹9000 है, जो इस ट्रेंड के हिसाब से बढ़कर कम से कम ₹20500 हो जाएगी। यानी पेंशनर्स के खाते में भी हर महीने ₹11500 से ज्यादा बढ़कर आएंगे।
यानी अगर हम पिछले वेतन आयोगों के न्यूनतम 2.5 गुना वाले ट्रेंड को भी आधार मानें, तो 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम मासिक सैलरी में ₹16500 से लेकर ₹23000 तक की बढ़ोतरी होना तय है।