8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वां वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है। वह जितना चाहते हैं कि ये जल्दी आए, उतना ही इसके देर से यानी साल 2027 से लागू होने की खबरें आ रही है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों की एसोसिएशन सरकार से मांग कर रही है कि इसके लागू होने में समय लगे लेकिन इसे जनवरी 2026 से लागू माना जाए। नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें भले देर से लागू हों, लेकिन वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी का असर 1 जनवरी 2026 से ही माना जाना चाहिए।
मिश्रा का कहना है कि हर वेतन आयोग का असर अधिकतम 10 साल तक ही रहना चाहिए। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था, इसलिए 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ही लागू माना जाना चाहिए। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें जुलाई 2016 से लागू हुई थीं, लेकिन कर्मचारियों को जनवरी से जून तक के 6 महीने का एरियर दिया गया था। इसी तरह 8वें वेतन आयोग में भी कर्मचारियों को एरियर मिलना चाहिए।
हालांकि, अभी तक 8वां वेतन आयोग औपचारिक रूप से गठित नहीं हुआ है। जनवरी 2025 में कैबिनेट ने इसे मंजूरी तो दे दी थी, लेकिन अभी आयोग के Terms of Reference (ToR) को लेकर नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। मिश्रा का कहना है कि सरकार को जल्द ही ToR पर हरी झंडी देनी चाहिए, ताकि आयोग का गठन हो और कर्मचारियों से चर्चा शुरू की जा सके।
किसी भी वेतन आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में करीब 18 महीने लगते हैं। इसके बाद सरकार को सिफारिशों की समीक्षा और मंजूरी देने में 3 से 9 महीने और लगते हैं। यानी आयोग की रिपोर्ट आने और उस पर अंतिम फैसला आने में समय लगना तय है। लेकिन कर्मचारियों की मांग है कि देरी चाहे जितनी हो, प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 ही रहनी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कर्मचारियों को कितनी बढ़ोतरी मिलेगी। माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 2.46 के बीच रह सकता है। यही फैक्टर कर्मचारी की बेसिक सैलरी से गुणा किया जाता है और इसी आधार पर नई सैलरी तय की जाती है।
अगर फिटमेंट फैक्टर 2.46 तक जाता है तो कर्मचारियों को मौजूदा वेतन की तुलना में 14% से 34% तक की बढ़ोतरी मिल सकती है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि हर नए वेतन आयोग के लागू होते समय महंगाई भत्ता (DA) शून्य से शुरू होता है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार को जल्द ही 8वें वेतन आयोग के गठन और ToR पर स्पष्टता लानी चाहिए। लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका सीधा असर उनके परिवार की आय और खर्च पर पड़ेगा।