सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! कब से खाते में बढ़कर आएगी सैलरी? एग्जैक्ट तारीख को लेकर आया ये बड़ा अपडेट
8th Pay Commission Letest Update: बढ़ती महंगाई, रसोई गैस, दूध, तेल और सब्जियों के बढ़े हुए दामों के बीच कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन और नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने एक विशेष बातचीत में उस सटीक टाइमलाइन का खुलासा किया है, जब से कर्मचारियों के खाते में 8वें वेतन आयोग के तहत रिवाइज्ड सैलरी आना शुरू हो सकती है
इस बार बेसिक सैलरी को बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर को पुराने स्तर से काफी ऊपर ले जाने की मांग की जा रही है
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन को 6 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। जैसे-जैसे देश के अलग-अलग हिस्सों में विचार-विमर्श बैठकों का दौर आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में एक ही बड़ा सवाल घूम रहा है, आखिर बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन कब से मिलना शुरू होगी?
बढ़ती महंगाई, रसोई गैस, दूध, तेल और सब्जियों के बढ़े हुए दामों के बीच कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन और नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने एक विशेष बातचीत में उस सटीक टाइमलाइन का खुलासा किया है, जब से कर्मचारियों के खाते में 8वें वेतन आयोग के तहत रिवाइज्ड सैलरी आना शुरू हो सकती है।
कब से लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
डॉ. मनजीत सिंह पटेल के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन के लिए बहुत लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लागू होने की सबसे सटीक टाइमलाइन अप्रैल 2027 नजर आ रही है। उन्होंने अपने दावे के पीछे का पूरा गणित ये बताया:
केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी और नवंबर 2025 में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। नवंबर 2025 से 18 महीने का हिसाब लगाया जाए, तो यह समय अप्रैल-मई 2027 के आसपास बैठता है। डॉ. पटेल के अनुसार, इस बात की पूरी संभावना है कि आयोग अपना काम दो-तीन महीने पहले ही पूरा कर ले।
नए वित्तीय वर्ष से मिल सकता है तोहफा
अगर आयोग अपनी रिपोर्ट थोड़ी पहले सौंप देता है, तो नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल 2027 से कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी मिलना शुरू हो जाएगी। इसमें अधिकतम 1 या 2 महीने की देरी हो सकती है, लेकिन अप्रैल 2027 ही इसका मुख्य क्रियान्वयन बिंदु रहेगा।
कर्मचारी यूनियनों की सरकार से क्या हैं मुख्य मांगें?
लगातार बढ़ रहे जीवनयापन के खर्च को देखते हुए कर्मचारी संगठन इस बार सरकार के सामने बेहद कड़ा रुख अपनाए हुए हैं। चालू परामर्श बैठकों में मुख्य रूप से इन मांगों पर जोर दिया जा रहा है:
हायर फिटमेंट फैक्टर: बेसिक सैलरी को बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर को पुराने स्तर से काफी ऊपर ले जाने की मांग की जा रही है।
DA का बेसिक पे में मर्जर: कर्मचारियों की मांग है कि मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मर्ज करके सैलरी का नया स्ट्रक्चर तैयार किया जाए।
फास्ट सैलरी रिवीजन साइकिल: महंगाई की रफ्तार को देखते हुए 10 साल के बजाय सैलरी रिवीजन के समय को कम करने की वकालत की जा रही है।
कर्मचारियों का तर्क है कि समय-समय पर मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) घर के बजट, बच्चों की पढ़ाई और इलाज के खर्चों को संभालने के लिए नाकाफी साबित हो रहा है।
फिलहाल चल रहा है बैठकों का दौर
8वां वेतन आयोग इस समय पूरे देश में घूम-घूम कर कर्मचारी यूनियनों और स्टाफ प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर रहा है:
दिल्ली और हैदराबाद राउंड पूरा: दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल के बीच बैठकें हो चुकी हैं। वहीं 18-19 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में अहम चर्चा चल रही है।
श्रीनगर और लद्दाख की बारी: इसके बाद अगला राउंड 1 जून से 4 जून के बीच श्रीनगर में होगा, और 8 जून को लद्दाख में बैठक निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, हाल ही में कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM) की 49वीं बैठक हुई, जिसमें पेंशन, खाली पदों को भरने, आउटसोर्सिंग और प्रमोशन जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार और यूनियनों के बीच सीधी बातचीत हुई है।