8th Pay Commission: 12 चीजों के लिए मिलता था बिना ब्याज का लोन, 7वें वेतन आयोग ने क्यों किया खत्म?

कभी ट्रांसफर, इलाज और त्योहारों के लिए मिलते थे बिना ब्याज के लोन। लेकिन 7वें वेतन आयोग ने 12 फायदे एक झटके में खत्म कर दिए। आइए जानते हैं कि इसकी क्या वजह थी।

अपडेटेड May 18, 2025 पर 3:39 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
7वें वेतन आयोग ने सिर्फ दो एडवांस को जारी रखने की सिफारिश की थी।

8th Pay Commission: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन की तैयारी को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। हाल के हफ्तों में आधिकारिक स्तर पर कोई बड़ा अपडेट नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही आयोग की घोषणा कर सकती है। इस बीच, यह जरूरी है कि हम समझें कि पिछले यानी 7वें वेतन आयोग (7th CPC) ने कौन-कौन-सी कर्मचारी सुविधाओं को खत्म किया था। खासतौर पर, वे ब्याज-मुक्त कर्ज, जो एक समय पर लाखों सरकारी कर्मचारियों को राहत देते थे।

क्या होते थे Interest-Free Advances?

Interest-Free Advance यानी वो रकम जो केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को कुछ खास जरूरतों- जैसे साइकिल खरीदना, इलाज, त्योहार, ट्रांसफर आदि के लिए देती थी, वो भी बिना किसी ब्याज के। 6वें वेतन आयोग तक ये व्यवस्था जारी थी। लेकिन 7वें वेतन आयोग ने कुल 12 ऐसी एडवांस स्कीम्स को पूरी तरह बंद कर दिया।

7वें वेतन आयोग द्वारा समाप्त किए गए 12 ब्याज-मुक्त एडवांस


नाम रकम डिटेल
साइकिल एडवांस ₹4500
ग्रेड पे ≤ 2800; अधिकतम 30 किस्तों में वसूली
गर्म कपड़े का एडवांस ₹4500
पहाड़ी स्टेशन पर तैनात ग्रुप C कर्मियों के लिए; 12 किस्तों में वसूली
ट्रांसफर पर वेतन एडवांस
1 से 2 महीने का वेतन
जनहित में स्थानांतरण पर; 3 किस्तों में वसूली
यात्रा भत्ता (TA) का एडवांस आवश्यकता अनुसार
यात्रा पूरी होने पर समायोजन
दिवंगत कर्मी के परिवार को TA एडवांस अनुमानित खर्च का ¾ भाग
ट्रांसफर/सेवानिवृत्ति जैसे नियम
LTC एडवांस किराए का 90% तक
पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए
छुट्टी वेतन एडवांस 30 दिनों की छुट्टी का शुद्ध वेतन
मासिक वेतन से समायोजन
इलाज का एडवांस ₹10,000 से ₹36,000 तक
कैंसर, टीबी आदि गंभीर बीमारियों हेतु
त्योहार के लिए एडवांस ₹4500
ग्रेड पे ≤ 4800; 10 किस्तों में वसूली
प्राकृतिक आपदा पर अग्रिम ₹7500
गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के लिए; 12 किस्तों में वसूली
हिंदी प्रशिक्षण के लिए अग्रिम ₹450
पत्राचार से हिंदी प्रशिक्षण ले रहे कर्मियों हेतु
अदालती मुकदमे के लिए एडवांस ₹500
अधिकतम 24 किस्तों में वसूली

7वें वेतन आयोग का तर्क क्या था?

कर्मचारी संगठनों ने मांग की थी कि इन ब्याज-मुक्त कर्ज की रकम को तीन गुना बढ़ाया जाए, लेकिन आयोग ने इसे अप्रासंगिक करार देते हुए खत्म करने की सिफारिश की। रिपोर्ट में कहा गया, “लगातार बढ़ते वेतन पैकेज के चलते अब इन कर्ज का अब कोई मतलब नहीं रह गया है। इन्हें जारी रखना प्रशासनिक रूप से भी खर्चीला है, इसलिए इन्हें समाप्त किया जाए।”

कौन-से एडवांस अब भी जारी है?

7वें वेतन आयोग ने सिर्फ दो एडवांस को जारी रखने की सिफारिश की थी। लेकिन ये ब्याज के साथ दिए जाते हैं, House Building Advance (HBA) और Advance for Purchase of Personal Computer। जैसे कि नाम से ही जाहिर है हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) घर बनवाने या खरीदने के लिए मिलता है। वहीं, पर्सनल कंप्यूटर खरीदने के लिए एडवांस सिर्फ एक बार लिया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : 8th Pay Commission: 2.86 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ेगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलेरी? ऐसे निकालिए 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।