Airfare regulation : एयर लाइंस की मनमानी पर लगेगी लगाम, त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी पर लगेगी रोक

Airfare regulation : अब हवाई किराया रेगुलेट होगा। त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी के मामले में सरकार की तरफ से बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया है कि हवाई किराए को रेगुलेट करने के नियम तैयार कर लिए गए हैं। ये नियम 30 दिन में संसद के दोनों सदनों के सामने रखे जाएंगे

अपडेटेड Jul 13, 2026 पर 5:22 PM
भारत में हवाई किराए को लेकर पैसेंजर्स की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कई बार त्योहारों या छुट्टियों में टिकट की कीमतें दोगुनी-तिगुनी हो जाती हैं। एयरलाइंस अतिरिक्त सामान, सीट चॉइस या खाने-पीने के लिए अलग से पैसे वसूलती हैं

Airfare regulation : त्योहारों और छुट्टियों के दौरान अचानक बढ़ने वाले हवाई किराए से जल्दी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नए नियम तैयार कर लिए गए हैं और जल्दी ही संसद में पेश किए जा सकते हैं। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता असीम मनचंदा ने कहा कि अब हवाई किराया रेगुलेट होगा। त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी के मामले में सरकार की तरफ से बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया है कि हवाई किराए को रेगुलेट करने के नियम तैयार कर लिए गए हैं। ये नियम 30 दिन में संसद के दोनों सदनों के सामने रखे जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नियमों की एक कॉपी दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार से दो हफ्ते में कॉपी दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

कोर्ट में हवाई किराए में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से जवाब मांगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 के तहत बने नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये नियम एविएशन सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए हैं, लेकिन इनके अमल पर अब कोर्ट नजर रख रहा है।

बता दें कि एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस बिना पर्याप्त नियमन के एल्गोरिदम आधारित डायनेमिक प्राइसिंग अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं। याचिका में कहा गया है कि यह व्यवस्था आम यात्रियों के हितों के खिलाफ है और इसमें पारदर्शिता का अभाव है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में निजी एयरलाइंस बिना पर्याप्त रेग्युलेशन के डायनेमिक प्राइसिंग (Dynamic Pricing) अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।


भारत में हवाई किराए को लेकर पैसेंजर्स की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कई बार त्योहारों या छुट्टियों में टिकट की कीमतें दोगुनी-तिगुनी हो जाती हैं। एयरलाइंस अतिरिक्त सामान, सीट चॉइस या खाने-पीने के लिए अलग से पैसे वसूलती हैं। यात्रियों की शिकायत होती है कि टिकट बुकिंग के समय सस्ता दिखता है, लेकिन अंत में कुल राशि बहुत ज्यादा हो जाती है। केंद्र सरकार को अब दो हफ्ते के अंदर नए नियम के बारे में बताना होगा। अगर नियम पहले ही संसद में रखे जा चुके हैं, तब भी कोर्ट उन्हें देखना चाहता है। यह फैसला आम यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है।

डायनेमिक प्राइसिंग क्या है ?

आसान शब्दों में कहें तो डायनेमिक प्राइसिंग कीमतों को तय करने का एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए कंपनियां बाजार की मांग, ग्राहकों के व्यवहार और रियल टाइम डेटा के आधार पर अपने किराए में बदलाव करती रहती हैं। इसी के आधार पर हवाई जहाज कंपनियां, किसी एक उड़ान के लिए एक तय कीमत तय करने के बजाय, मांग के अनुसार हर घंटे या दिन टिकट के दाम बदलती हैं। अगर किसी खास रूट पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है या किसी सीट की मांग अधिक होती है, तो कीमतें बढ़ा दी जाती हैं।

 

 

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