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एयरलाइंस इंडस्ट्री ने सरकार से लगाई गुहार, कहा ATF की कीमतों में बढ़ोतरी से इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर

26 अप्रैल को लिखी गई एक चिट्ठी के ज़रिए फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से तुरंत दखल देने की अपील की है। FIA के सदस्यों में IndiGo, Air India और SpiceJet शामिल हैं। FIA ने कहा कि ATF की मौजूदा कीमत तय करने के तरीके की वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच भारी असंतुलन पैदा हो गया है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 28, 2026 पर 1:33 PM
एयरलाइंस इंडस्ट्री ने सरकार से लगाई गुहार, कहा ATF की कीमतों में बढ़ोतरी से इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर
फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने कहा है कि महंगे ATF के कारण फ्लाइट ऑपरेशन मुश्किल हो गया है

सूत्रों के हवाले से जानकारी आ रही है कि एयरलाइंस इंडस्ट्री ने सरकार को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने चिंता जताई है। भारत के एयरलाइन इंडस्ट्री की तरफ से केंद्र सरकार को भेजे गए इस मेडे'संदेश'में चेतावनी दी गई है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी के चलते यह इंडस्ट्री "बंद होने या अपना कामकाज रोकने की कगार पर है।

एयरलाइंस की सरकार से गुहार

26 अप्रैल को लिखी गई एक चिट्ठी के ज़रिए फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से तुरंत दखल देने की अपील की है। FIA के सदस्यों में IndiGo, Air India और SpiceJet शामिल हैं। FIA ने कहा कि ATF की मौजूदा कीमत तय करने के तरीके की वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच भारी असंतुलन पैदा हो गया है, जिससे एयरलाइन नेटवर्क आर्थिक रूप से टिक नहीं पा रहे हैं। इंडस्ट्री ने बताया कि वह "बहुत ज़्यादा दबाव" में है और एयरलाइंस के लिए अपनी उड़ानें जारी रखना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

एयरलाइंस इंडस्ट्री ने फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस के जरिए सरकार को लिखी चिट्ठी में कहा है कि महंगे ATF के कारण फ्लाइट ऑपरेशन मुश्किल हो गया है। हालत नहीं सुधरे तो उड़ाने बंद करनी होंगी। ATF पहले कुल लागत का 30-40% तक होता था। अब ATF लागत बढ़कर 55-60% तक हो गया है। इसके चलते घरेलू और विदेशी उड़ानों की लागत में भारी अंतर हो गया है। FIA की मांग है कि ATF पर एक्साइज और VAT घटाया जाना चाहिए।

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