Atal Pansion Yojna: पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) की सिफारिशों के बाद भी केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अटल पेंशन योजना के तहत पेंशन की रकम में बढ़ोतरी नहीं की है। लोकसभा में इस सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने कहा कि पेंशन में अमाउंट में बढ़ोतरी के साथ पेंशन के लिए दिया जाने वाल पैसा यानी किश्त भी बढ़ जाएगी। अटल पेंशन योजना की सब्सक्रिप्शन के पैसे में बढ़ोतरी से सब्सक्राइबर्स पर बोझ पड़ेगा। यही कारण है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अटल पेंशन योजना पेंशन का पैसा नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री भागवत कराड के मुताबिक अटल पेंशन योजना एक न्यूनतम गारंटी पेंशन योजना है और पेंशन राशि में किसी भी बढ़ोतरी से इसके सदस्यों की तरफ से दिया जाने वाला पैसा भी बढ़ जाएगा जिससे ग्राहकों पर और बोझ पड़ने की संभावना है। इसलिए सरकार ने योजना को समान नियम और शर्तों के साथ जारी रखने और पेंशन और सदस्यता राशि को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इससे पहले PFRDA के चेयरमैन हेमंत जी कॉन्ट्रैक्टर ने अटल पेंशन योजना के सब्सक्राइबर बेस को बढ़ाने के मकसद से प्रस्ताव भेजा था कि पेंशन को बढ़ाया जाए। अभी सरकार अटल पेंशन में पैसा लगाने वाले लोगों को 1,000 रुपये लेकर 5,000 रुपये तक के 5 पेंशन स्लैब देती है। PFRDA को बाजार से प्रतिक्रिया मिली जिसमें ज्यादातर सब्सक्राइबर्स ने पेंशन बढ़ाने क मांग की। ज्यादातर सभी का कहना था कि 60 साल की उम्र में 5,000 रुपये मंहगाई के समय में काफी नहीं होते।
इतनी पेंशन की मिलती है गारंटी
एक व्यक्ति जो अटल पेंशन योजना में एनरोल करके पैसा निवेश करता है उसे 60 साल की उम्र के बाद मृत्यु तक प्रति माह 5,000 रुपये अधिकतम पेंशन की गारंटी मिलती है। एक वित्तीय वर्ष में एक बार पेंशन की मिलने वाली राशि में परिवर्तन कर सकता है। यदि ग्राहक की मृत्यु 60 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है, तो पति या पत्नी ग्राहक के अटल पेंशन योजना खाते में पेमेंट जारी रख सकता हैं। जो लोग 60 वर्ष से कम उम्र के हैं, उनके लिए अटल पेंशन योजना के तहत जल्दी बाहर निकलने की अनुमति है।