ATF Price Hike: एविएशन टरबाइन फ्यूल के कीमतों में आज से भारी बढ़ोतरी हो गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इसकी कीमतों में 14 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसके दाम दिसंबर 2022 के बाद से हाई लेवल पर पहुंच गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में एविएशन टरबाइन फ्यूल के दाम 1.12 लाख रुपये किलो लीटर हो गए हैं। पिछले 2 महीने से अब तक करीब 24 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में फेस्टिव सीजन के मौके पर हवाई सफर भी महंगा हो सकता है। यह लगातार तीसरे महीने में बढ़ोतरी की गई है।
जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में ATF के दाम 20,295.2 रुपये प्रति किलोलीटर तक बढ़ गए हैं। इसके दाम 1.12 लाख रुपये से ज्यादा हो चुके हैं। दिल्ली में हवाई ईंधन या जेट फ्यूल के रेट बढ़कर 1,12,419.33 रुपये प्रति किलोलीटर तक जा चुके हैं।
लगातार तीसरे महीने जेट फ्यूल की कीमतों में इजाफा
तेल कंपनियों ने लगातार तीसरे महीने जेल फ्यूल की कीमतों में इजाफा किया है। 1 अगस्त को जेट फ्यूल की कीमतों में 8.5 फीसदी की भारी बढ़ोतरी की गई थी। उस समय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जेट फ्यूल के दाम 7,728,38 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 98,508.26 रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गईं थी। जुलाई को जेट फ्यूल की कीमतों में 1.165 यानी 1,476.79 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी की गई थी। ग्लोबल लेलवल पर, जेट ईंधन की कीमतों में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती की वजह से बढ़ी हैं। ऐसे में जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई।
जानिए अपने शहर में ATF के दाम
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एटीएफ के दाम बढ़कर 1,05,222.13 रुपये प्रति किलोलीटर पर आ गए हैं जो कि इससे पहले 92,124.13 रुपये पर थे।
कोलकाता में एटीएफ के दाम बढ़कर 1,21,063.83 रुपये प्रति किलोलीटर पर आ गए हैं। पहले ये 1,07,383.08 रुपये प्रति किलोलीटर पर थे।
चेन्नई में एटीएफ के दाम बढ़कर 1,16,581.77 रुपये प्रति किलोलीटर पर आ गए हैं। इसके पिछले दाम 1,02,391.64 रुपये प्रति किलोलीटर पर थे।
जेट फ्यूल (हवाई ईंधन) या एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की जरूरत विमानों को चलाने में जरूरत पड़ती है। इसका प्रयोग जेट और टर्बो-प्रॉप इंजन वाले विमान को पावर देने के लिए किया जाता है। यह एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित ईंधन है। एटीएफ दिखने में रंगहीन और स्ट्रा की तरह होता है। ज्यादातर कमर्शियल विमानन कंपनियां ईंधन के तौर पर जेट ए और जेट ए-1 ईंधन का इस्तेमाल करती हैं।