एक्सिस म्यूचुअल फंड ने नए फंड - एक्सिस हेल्थकेयर ईटीएफ (Axis Healthcare ETF) का ऐलान कर दिया है। यह नया फंड 30 अप्रैल को खुल चुका है। इस फंड का पैसा हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियों में लगाया जाएगा। यह स्कीम 10 मई को बंद हो जाएगी। इस स्कीम की मैनेजिंग Axis AMC के Head – Equity, जिग्नेश गोपानी (Jinesh Gopani) करेंगे।
इन बड़ी कंपनियों में होगा निवेश
निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स (NIFTY Healthcare Index) की 20 सबसे बड़ी हेल्थकेयर कंपनियों को फंड में शामिल किया गया है। जिसमें हॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक्स प्लेयर, फ़ार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चर्स और R&D जैसी कंपनियां है। जानकारों का मानना है कि कोरोना के इस संकट के बीच हेल्थकेयर सेक्टर का अहम योगदान है। आने वाले कुछ सालों तक इसमें बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है।
जानिए क्या है ETF
ETF या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शेयरों के एक सेट में निवेश करते हैं। आमतौर पर ये एक खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं। जैसे एक्सिस अब हेल्थकेयर कंपनियों को ट्रैक कर रहा है। ये ETF भी म्यूचुअल फंड जैसे होते हैं। लेकिन, दोनों में खास अंतर यह है कि ETF को केवल स्टॉक एक्सचेंज से खरीदा या बेचा जा सकता है। जिस तरह आप शेयरों को खरीदते हैं। ठीक उसी तरह एक्सचेंज के कारोबारी घंटों के दौरान ETF को भी खरीदा जा सकता है।
बता दें कि ETF के पोर्टफोलियो में तमाम तरह की सिक्योरिटीज होती हैं। इनका रिटर्न इंडेक्स की तरह होता है। ये स्टॉक मार्केट में लिस्ट होते हैं। वहां इन्हें खरीदा और बेचा जा सकता है। ETF में भी इंडेक्स के चढ़ने-उतरने का असर होता है।
ऐसे करें निवेश
ETF पहले NFO तौर पर आता है। फिर इसको शेयर बाजार में लिस्ट किया जाता है। NFO किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी की नई स्कीम होती है। इसके जरिये कोई म्यूचुअल फंड कंपनी शेयरों, सरकारी बॉन्ड जैसे इंस्ट्रूमेंट में निवेश करने के लिए निवेशकों से पैसे जुटाती है। ट्रेडिंग पोर्टल या स्टॉक ब्रोकर के जरिए शेयर बाजार पर ETF की खरीदा बेचा जाता है।
सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।
