Bandhan Mutual Fund ने लॉन्च की रिटायरमेंट स्कीम, क्या आपको निवेश करना चाहिए?

इस स्कीम का नाम बंधन रिटायरमेंट फंड (BRF) है। यह एसेट एलोकेशन के लिए डायनेमिक एलोकेशन स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करेगा। इससे इनवेस्टर्स को स्टॉक मार्केट में पार्टिसिपेट करने का मौका मिलेगा। हालांकि, इस स्कीम ने गिरावट के असर को कम करने के लिए कुछ उपाय किए हैं। यह स्कीम मार्केट की वैल्यूएशंस और आर्थिकि स्थितियों के आधार पर अपने एसेट एलोकेशन को एडजस्ट करेगी

अपडेटेड Oct 02, 2023 पर 11:35 AM
BRF का पांच साल का लॉक-इन पीरियड इनवेस्टर्स को किसी तरह के भावनात्मक दबाव में आने से रोकेगा। इससे वे लंबी अवधि तक अपना निवेश इस स्कीम में बनाए रखेंगे। इससे उन्हें कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा।

Bandhan Mutual Fund ने रिटायरमेंट फंड लॉन्च किया है। यह लंबी अवधि के लिए शेयरों और डेट दोनों में ही निवेश करेगा। रिटायरमेंट फंड एक तरह की सॉल्यूशन आधारित स्कीम होती है। इसमें निवेश करने पर पैसा कम से कम पांच साल या रिटायरमेंट की उम्र तक लॉक हो जाता है। दोनों में से जो पहले होता है, वह लागू होता है। इस स्कीम का नाम बंधन रिटायरमेंट फंड (BRF) है। यह एसेट एलोकेशन के लिए डायनेमिक एलोकेशन स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करेगा। इससे इनवेस्टर्स को स्टॉक मार्केट में पार्टिसिपेट करने का मौका मिलेगा। हालांकि, इस स्कीम ने गिरावट के असर को कम करने के लिए कुछ उपाय किए हैं। यह स्कीम मार्केट की वैल्यूएशंस और आर्थिकि स्थितियों के आधार पर अपने एसेट एलोकेशन को एडजस्ट करेगी।

इनवेस्टमेंट की बैलेंस्ड स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल

Bandhan AMC के सीईओ विशाल कपूर ने कहा, "हम अपनी स्कीम में बैलेंस्ड एडवांटेज स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर रहे हैं न कि ग्रोथ स्ट्रेटेजी का। इसकी वजह यह है कि ग्रोथ स्टेटेजी से लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न कमाना मुमकिन होता है लेकिन ऐसे लोगों के लिए बैलेंस्ड एडवान्टेज स्ट्रेटेजी ज्यादा सही है, जो फिक्स्ड इनकम से इकिव्टी में शिफ्ट कर रहे होते हैं। हालांकि हमारी स्कीम में अंडरलाइंग स्ट्रेटेजी ज्यादा आक्रामक होगी।" बंधन एएमसी का एसेट अंडर मैनेजमेंट 1.18 लाख करोड़ रुपये है। यह देश की 10वीं सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है।


निवेशकों को मिलेगा कंपाउंडिंग का पूरा फायदा

BRF का पांच साल का लॉक-इन पीरियड इनवेस्टर्स को किसी तरह के भावनात्मक दबाव में आने से रोकेगा। इससे वे लंबी अवधि तक अपना निवेश इस स्कीम में बनाए रखेंगे। इससे उन्हें कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा। बीआरएफ का इक्विटी इनवेस्टमेंट फ्रेमवर्क सही वैल्यूएशन और लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावना वाली क्वालिटी कंपनियों पर फोकस करेगा। यह स्कीम इक्विटी में कम से कम 65 फीसदी निवेश के नियम का ध्यान रखेगी। इसका डेट पोर्टफोलियो डायवर्सिफायड होगा। इससमें गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, स्टेट डेवलपमेंट लोन, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स शामिल होंगे।

मार्केट में कुल 26 रिटायरमेंट फंड्स मौजूद

इस स्कीम के फंड मैनेजर विराज कुलकर्णी हैं, जो इक्विटी इनवेस्टमेंट की जिम्मेदारी संभालेंगे। गौतम कॉल दूसरे फंड मैनेजर है, जिनक पर डेट इनवेस्टमेंट की जिम्मेदारी होगी। निशिता शाह इस फंड के विदेश में निवेश की जिम्मेदारी संभालेंगी। अभी म्यूचुअल फंड्स की कोई दूसरी रिटायरमेंट स्कीम नहीं है, जो विदेशी कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है। बीआरएफ का बेंचमार्कट Crisil Hybrid 50-50-मॉडरेट इंडेक्स होगा। म्यूचुअल फंडों की रिटायरमेंट स्कीम में निवेशकों की ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखती है। अभी इंडिया में ऐसे 10 फंड्स हाउस हैं, जो 26 रिटायरमेटं फंड्स ऑफर करते हैं।

क्या आपको निवेश करना चाहिए?

इनवेस्टर्स रिटायरमेंट फंड में निवेश करने की जगह स्टैंडएलोन स्कीम में निवेश कर सकते हैं। लार्जकैप, फ्लेक्सी कैप और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड इसके उदाहरण हैं। लेकिन, रिटायरमेंट फंड में इनवेस्टमेंट करने पर निवेशक में अतिरिक्त अनुशासन आता है। ग्राउंड इनवेस्टमेंट सर्विस से फाउंडर रवि कुमार टीवी ने कहा कि कुछ निवेशकों को अपना पैसा 5 साल के लिए ब्लॉक करने में मुश्किल आ सकती है। यह पीरियड लंबा लगता है, लेकिन जब आप अपने ओवरऑल गोल प्लानिंग को देखते हैं तो यह फायदेंद नजर आता है। इससे फंड मैनेजर्स को लंबी अवधि के निवेश के हिसाब से रणनीति बनाने में मदद मिलती है।

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