Bank Locker: बैंक अपने ग्राहकों को लॉकर्स की सुविधा देते हैं। ग्राहक बैंक लॉकर का इस्तेमाल सोने और डायमंड के गहने, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, प्रॉपर्टी के पेपर्स, सेविंग बॉन्ड, बीमा पॉलिसी और कई सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स रखते हैं। सभी बैंक लॉकर के साइज और ब्रांच की लोकेशन के आधार पर सालाना किराया लेते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने नए साल की शुरुआत के साथ बैंक लॉकर से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। बैंक अब अपनी मर्जी से अनुचित नियम बैंक लॉकर के नियमों के साथ नहीं जोड़ सकते। नए नियमों के बाद आइए जानते हैं कि बैंक लॉकर से आपको कौनसी सर्विस मिला करेगी।
आप कैसे खुलवा सकते हैं बैंक लॉकर
ग्राहक जिस भी शाखा में बैंक लॉकर खुलवाना चाहते हैं, वहां आपको एक अप्लाई करना होगा। लॉकर की सर्विस पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मिलती है। यदि आपका नाम वेटिंग लिस्ट में है तो किसी ग्राहक के लॉकर छोड़ने के बाद ही आपको लॉकर मिलेगा। इसके अलावा आपके खाते में बैंक के सालाना चार्ज के लिए पैसे होना जरूरी है क्योंकि इसमें से आपका सालाना किराया भी काटा जाएगा।
लॉकर के साइज और लोकेशन के हिसाब से उसका सालाना चार्ज तय होता है। यह चार्ज हर एक बैंक का अलग होता है। SBI में बैंक लॉकर का चार्ज 2,000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक है। पंजाब नेशनल बैंक में एक बैंक लॉकर के लिए 1250 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक चार्ज लगता है। केनरा बैंक में यह फीस 2000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक है। HDFC में यह फीस 3,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक है। ICICI बैंक में यह चार्ज 1,200 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक है।
क्या हैं RBI के नए नियम – बैंक किन हालातों में देगा मुआवजा
RBI के नए नियमों के मुताबिक अपनी लापरवाही के कारण लॉकर की किसी भी चीज या सामान को नुकसान के लिए जिम्मेदार बैंक होगा। ब्रांच में जहां पर भी बैंक लॉकर रखे गए हैं, उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होगी। यदि बैंक के किसी भी कर्मचारी की धोखाधड़ी के कारण नुकसान होता है तो बैंक लॉकर के सालाना किराये के 100 गुना तक पैसा ग्राहक को देगा।