SBI बैंक के करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! एसबीआई कर्मचारी करेंगे 2 दिन हड़ताल, जानिये कब न जाएं ब्रांच
SBI Bank Strike: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करोडों ग्राहकों को झटका लगने वाला है। SBI बैंक के कर्मचारी मई में 2 दिन हड़ताल करने वाले हैं। हड़ताल 2 दिन रहेगी लेकिन इसके कारण बैंक लगातार चार दिन बंद रहेंगे
SBI Bank Strike: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करोडों ग्राहकों को झटका लगने वाला है।
SBI Bank Strike: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करोडों ग्राहकों को झटका लगने वाला है। SBI बैंक के कर्मचारी मई में 2 दिन हड़ताल करने वाले हैं। हड़ताल 2 दिन रहेगी लेकिन इसके कारण बैंक लगातार चार दिन बंद रहेंगे। कर्मचारी यूनियन 25 और 26 मई 2026 को बैंक स्ट्राइक करेगी। 25 मई को सोमवार और 26 मई को मंगलवार है। उससे पहले 23 मई को चौथे शनिवार और 24 मई को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। यानी, बैंक हड़ताल के कारण सीधे 4 दिन लगातार बंद रहेंगे। कर्मचारी हड़ताल के जरिये कर्मचारियों के अधिकार, बेहतर कामकाजी माहौल और पेंडिंग डिमांड को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
SBI के कर्मचारी क्यों कर रहे हैं हड़ताल?
यह हड़ताल ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टॉफ फेडरेशन (AISBISF) कर रहा है। बैंक कर्मचारियों की हड़चाल में वर्कमेन कैटेगरी के कर्मचारी शामिल होंगे। फेडरेशन का आरोप है कि कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और समझौतों को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है।
AISBISF के अनुसार कर्मचारियों के अधिकारों को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है। कई फैसले बिना चर्चा के लागू किए जा रहे हैं और कर्मचारियों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
फेडरेशन ने 2 मई 2026 को SBI चेयरमैन को नोटिस भेजकर बताया कि यह हड़ताल इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट 1947 के तहत की जाएगी। अगर इन तारीखों में कोई छुट्टी आती है, तो हड़ताल 27 मई को होगी।
कर्मचारियों की 16 बड़ी मांगें
फेडरेशन ने कुल 16 मांगें रखी हैं, जिनमें नौकरी, पेंशन, प्रमोशन और कामकाजी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। फेडरेशन ने कहा कि पिछले कई सालों से मेसेंजर की भर्ती बंद है, जिससे यह पद लगभग खत्म हो गया है। इससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए नौकरी के मौके भी कम हो गए हैं। इसके अलावा बैंक में आर्म्ड गार्ड की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई है। हाल ही में सूरत की SBI ब्रांच में हुई लूट की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि सुरक्षा में लापरवाही खतरनाक हो सकती है।
मेसेंजर (सहायक स्टाफ) की भर्ती शुरू की जाए।
आर्म्ड गार्ड (सुरक्षा गार्ड) की भर्ती हो।
NPS कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प मिले।
2019 के बाद भर्ती कर्मचारियों को इंटर-सर्कल ट्रांसफर की सुविधा मिले।
स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग बंद की जाए।
पर्याप्त स्टाफ की भर्ती हो।
वेतन में समानता (Parity Issue) दूर किया जाए।
करियर प्रोग्रेशन स्कीम की समीक्षा हो।
रिटायर कर्मचारियों को अतिरिक्त इंक्रीमेंट का फायदा मिले।
मेडिकल खर्च और रिइम्बर्समेंट में सुधार हो।
पेंशन में सभी वेतन घटकों को शामिल किया जाए।
HRMS सिस्टम की समस्याएं दूर हों।
वर्कमेन डायरेक्टर की नियुक्ति हो।
PF ट्रस्टी के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किया जाए।
क्रॉस-सेलिंग के नाम पर गलत प्रोडक्ट बेचने पर रोक लगे।
2-Day Nationwide Strike in State Bank of India The All India State Bank of India Staff Federation calls for a 2-day strike on 25th & 26th May 2026 across State Bank of India. This decisive action is to defend employees’ rights, ensure fair working conditions, and protect the… pic.twitter.com/SloVML9wz6
— National Confederation of Bank Employees (@ncbeofficial) May 2, 2026
NPS और पेंशन से जुड़ी मांग
कर्मचारियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े मुद्दों को भी उठाया है। उनका कहना है कि उन्हें पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प नहीं मिलता, जबकि दूसरे सरकारी बैंकों के कर्मचारियों को यह सुविधा मिलती है। इससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर असर पड़ रहा है। फेडरेशन ने वेतन असमानता (Parity) को भी बड़ा मुद्दा बताया है। उनका कहना है कि जहां अधिकारियों को अतिरिक्त स्पेशल पे देकर उनकी सैलरी बढ़ाई गई है, वहीं वर्कमेन कर्मचारियों की सैलरी सीमित बढ़ोतरी तक ही सीमित है।
हड़ताल से पहले होंगे कार्यक्रम
5 मई: लंच टाइम प्रदर्शन
6 मई: सोशल मीडिया अभियान
7 मई: प्रेस कॉन्फ्रेंस
8 मई: साइलेंट धरना
11 मई: देशभर में प्रदर्शन
18 मई: धरना
19 मई: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन दिया जाएगा।
21 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन दिया जाएगा।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर हड़ताल होती है तो 25 और 26 मई को बैंकिंग सर्विस पर असर पड़ेगा। कैश ट्रांजैक्शन, चेक क्लियरेंस और अन्य सर्विस में देरी हो सकती है। हालांकि, ऑनलाइन सर्विस चालू रह सकती हैं।