8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 52600 रुपये हो सकती है बेसिक सैलरी, 5 टाइप के होंगे फिटमेंट फैक्टर
8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग में खुशखबरी मिल सकती है। कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 52,600 रुपये हो सकती है। लेवल के मुताबिक 5 अलग तरह का फिटमेंट फैक्टर हो सकता है
8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग में खुशखबरी मिल सकती है।
8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग में खुशखबरी मिल सकती है। कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 52,600 रुपये हो सकती है। लेवल के मुताबिक 5 अलग तरह का फिटमेंट फैक्टर हो सकता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी तय करने वाले आठवें वेतन आयोग के आगे सभी सरकारी कर्मचारी और एसोसिएशन अपनी डिमांड रख रहे हैं। इसी कड़ी में इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन (IRTSA) ने रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों के लिए बड़ा प्रस्ताव रखा है। संगठन ने एक मेमोरेंडम देकर सैलरी स्ट्रक्चर, फिटमेंट फैक्टर, अलाउंस और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में बड़े बदलाव की मांग की है। रेलवे कर्मचारियों एसोसिएशन ने आयोग से एक नहीं, बल्कि 5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर तय करने की मांग की है। इसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी 52,600 रुपये और कई अलाउंस में बदलाव की मांग भी की है।
5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग
IRTSA ने एक ही फिटमेंट फैक्टर के बजाय अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के लिए 5 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि हर लेवल की जिम्मेदारी, अनुभव और काम का टाइप अलग-अलग है। इसलिए सबके लिए एक जैसा फॉर्मूला रखना ठीक नहीं है।
फिटमेंट फैक्टर ये रखा जाए
लेवल L-1 से L-5: 2.92
लेवल L-6 से L-8: 3.50
लेवल L-9 से L-12: 3.80
लेवल L-13 से L-16: 4.09
लेवल L-17 और L-18: 4.38
न्यूनतम सैलरी और नई सैलरी स्ट्रक्चर की डिमांड
IRTSA ने तकनीकी सुपरवाइजर्स के लिए नया कैडर स्ट्रक्चर और शुरुआती सैलरी के लिए भी प्रस्ताव दिया है।
सैलरी स्ट्रक्चर
जूनियर इंजीनियर (JE), लेवल-7: 1,57,400 रुपये
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE), लेवल-8: 1,66,800 रुपये
हेड SSE (असिस्टेंट मैनेजर), लेवल-9: 2,01,600 रुपये
चीफ SSE (मैनेजर), लेवल-10: 2,13,000 रुपये
प्रिंसिपल SSE (सीनियर मैनेजर), लेवल-11: 2,57,000 रुपये
इसके साथ ही एसोसिएश ने न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब 52,600 रुपये रखने की भी मांग की है।
सालाना और प्रमोशनल इंक्रीमेंट
हर साल 5% इंक्रीमेंट
प्रमोशन पर 2 साल के बराबर इंक्रीमेंट की मांग की है।
DA और CPI को लेकर सुझाव
संगठन ने महंगाई भत्ते (DA) की कैलकुलेशन के लिए अलग Consumer Price Index (CPI) बनाने की मांग की है। इसमें इंटरनेट खर्च, बोतलबंद पानी, हेल्थ इंश्योरेंस जैसे खर्च भी शामिल करने की बात कही गई है। इसके अलावा DA को इनकम टैक्स से मुक्त रखने और 50% DA को बेसिक सैलरी में जोड़ने का सुझाव भी दिया गया है।
HRA में बदलाव का प्रस्ताव
IRTSA ने मौजूदा 3 कैटेगरी के बजाय 4 कैटेगरी में HRA देने का सुझाव दिया है।
A क्लास शहर: 40% + DA
B क्लास शहर: 30% + DA
C क्लास शहर: 20% + DA
D क्लास शहर: 10% + DA
अन्य भत्तों और सुविधाओं पर मांग
नाइट ड्यूटी अलाउंस (NDA)
(Basic + DA)/200 के फॉर्मूले को सभी कर्मचारियों पर लागू करने की मांग।
43,600 रुपये की सीमा हटाने का प्रस्ताव।
चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस (CEA)
बच्चों की पढ़ाई पोस्ट ग्रेजुएशन तक कवर हो।
10,000 रुपये मंथली या वास्तविक खर्च देने की मांग।
डेली अलाउंस, करियर और प्रमोशन
यात्रा और रहने के खर्च की दरें 7वें वेतन आयोग से 3 गुना बढ़ाने का प्रस्ताव। IRTSA ने 30 साल की सेवा में 5 बार प्रमोशन (MACPS) देने की मांग की है। 6, 12, 18, 24 और 30 साल पर अपग्रेडेशन हो।
छुट्टी और रिटायरमेंट से जुड़ी मांगें
लीव एन्कैशमेंट
कर्मचारियों को 50% छुट्टी कैश कराने की अनुमति
रिटायरमेंट पर सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 600 दिन करने का प्रस्ताव
रिटायरमेंट बेनिफिट्स
2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग। ग्रेच्युटी को 50 लाख रुपये तक बढ़ाने का सुझाव
ग्रुप इंश्योरेंस पर भी बदलाव की मांग
IRTSA ने CGEGIS में बदलाव की मांग करते हुए कहा है कि प्रीमियम कम किया जाए और कवरेज 50 लाख, 25 लाख और 15 लाख रुपये तक बढ़ाया जाए।
क्यों खास हैं ये मांगें?
IRTSA का मानना है कि तकनीकी कर्मचारियों की योग्यता, अनुभव, जोखिम और जिम्मेदारी को देखते हुए उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए। अब ये सभी मांगें 8वें वेतन आयोग के सामने हैं। आने वाले समय में आयोग इन प्रस्तावों पर विचार करेगा, जिसके बाद ही यह तय होगा कि कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में कितना बदलाव होगा।