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सरकार ने SBI सहित कई बैंकों से बॉन्ड्स में निवेश की जानकारी मांगी, US में बैंकिंग क्राइसिस के बाद उठाया कदम

सरकार ने अभी सिर्फ बड़े सरकारी बैंकों से बॉन्ड्स में उनके निवेश के बारे में जानकारी मांगी है। अमेरिका में बैंकिंग क्राइसिस के बाद सावधानी बरतते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। अमेरिका में Silicon Valley Bank के डूबने में बॉन्ड में उसके निवेश का बड़ा हाथ था। इससे बैंक को बहुत लॉस हुआ था

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 24, 2023 पर 9:56 AM
सरकार ने SBI सहित कई बैंकों से बॉन्ड्स में निवेश की जानकारी मांगी, US में बैंकिंग क्राइसिस के बाद उठाया कदम
पिछले साल की शुरुआत में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सहित दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाने शुरू किए थे। इसका असर बॉन्ड्स पर पड़ा। बॉन्ड्स की कीमतें गिरनी शुरू हो गईं और यील्ड बढ़ने लगी। इससे बॉन्ड्स में ज्यादा निवेश करने वाले बैंकों को काफी नुकसान हुआ।

सरकार ने सरकारी बैंकों (PSU Banks) को बॉन्ड्स में अपने निवेश के बारे में बताने को कहा है। इनमें देश का सबसे बड़ा बैंक State Bank of India (SBI) भी शामिल है। अमेरिका में बैंकिंग क्राइसिस के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। अमेरिका में बैंकिंग क्राइसिस की बड़ी वजह बॉन्ड्स में बैंकों का निवेश माना जा रहा है। इंडिया में जिन बैंकों को अपने बॉन्ड पोर्टफोलियो की जानकारी देने के लिए कहा गया है, उनमें Punjab National Bank (Bank), Bank of Baroda (BoB) जैसे बड़े बैंक शामिल हैं। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। बैंक अपना काफी पैसा बॉन्ड्स में निवेश करते हैं।

सिर्फ सरकारी बैंकों से मांगी गई जानकारी

एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया, "सरकार ने सिर्फ बड़े बैंकों को अपने बॉन्ड पोर्टफोलियो के डेटा शेयर करने को कहा है। इनमें SBI, PNB और BoB शामिल हैं। उन्हें बॉन्ड पोर्टफोलियो की अपनी स्थिति चेक करने को कहा गया है। ऐसा लगता है कि सरकार उन बैंकों से यह जानकारी नहीं मांगेगी, जिनका बॉन्ड पोर्टफोलियो छोटा है। इनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं।"

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