अगर आप यह समझते हैं कि बैंकिंग क्राइसिस (US Banking Crisis) खत्म हो गई है तो यह सच नहीं है। दिग्गज स्टॉक इनवेस्टर Warren Buffett ने कहा है कि आने वाले समय में कुछ और बैंकों के डूबने की खबर मिल सकती है। उन्होंने 12 अप्रैल को सीएनबीसी से बातचीत में यह आशंका जताई। हालांकि, उन्होंने कहा कि डिपॉजिटर्स को इससे चिंता करने की जरूरत नहीं है। Berkshire Hathaway के चेयरमैन और सीईओ ने यह इंटरव्यू टोक्यो से दिया। वह आजकल टोक्यो के दौरे पर हैं। वह उन पांच ट्रेडिंग हाउसेज को अपने सपोर्ट के बारे में टोक्यो की यात्रा पर हैं, जिनमें उन्होंने हाल में निवेश किया है।
पिछले महीने अमेरिका में दो बैंक डूब गए
पिछले महीने अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक के डूबने की खबर आई। इसे अमेरिकी इतिहास में बैंक के डूबने के दूसरे और तीसरे सबसे बड़े मामले के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका बैंकिंग क्राइसिस ने पूरी दुनिया को हिला दिया। अमेरिकी सरकार और रेगुलेटर्स को और बैंकों को डूबने से बचाने के लिए बड़े कदम उठाने पड़े। सरकार ने डूबने वाले बैंकों में जमा पैसे की गारंटी ली। साथ ही संकट का सामना करने वाले बैंकों के लिए अतिरिक्त फंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
बैंकों की बेवकूफी से बड़ा नुकसान
Oracle of Omaha ने कहा कि बैंक समय-समय पर कुछ बेवकूफी करते रहते हैं। हालिया बैंकिंग क्राइसिस के दौरान ऐसी बेवकूफियां सामने आ गईं। एसेट और लायबिलिटी में मैसमेच इसी तरह की एक बेवकूफी थी। इसके अलावा बैंकों के अकाउंटिंग प्रैक्टिसेज को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा, "बैंक हमेशा ऐसा करते आ रहे हैं। ऐसे अकाउंटिंग प्रोसिजर इस्तेमाल किए गए जिससे कुछ बैंकों को अपनी कमाई ज्यादा दिखाने में मदद मिली।"
उन्होंने कहा कि कुछ बैंकर्स अपनी यह आदत जारी रखेंगे। इससे शेयरहोल्डर्स के शेयरों के लिए रिस्क पैदा होगा। हालांकि, 92 साल के इस इनवेस्टर ने कहा कि डिपॉजिटर्स पैसे डूबने को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। जब पूरे डिपॉजिट की सुरक्षा के लिए सिस्टम उपलब्ध है तो ऐसी चिंता नहीं होनी चाहिए।
डिपॉजिटर्स को नहीं होगा लॉस
बफे ने कहा, "FDIC की लागत का बोझ बैंक उठाते हैं। बैंकों ने फेडरल गवर्नमेंट पर कभी यह बोझ नहीं डाला है। लोग इस बात को नहीं समझते। किसी अमेरिकी बैंक में जमा पैसे से किसी डिपॉजिटर्स को हाथ नहीं धोना पड़ेगा। ऐसा नहीं होने जा रहा है... आपको मैनेजर्स की उन बातों पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है, जो आपको डराती हैं।"
बैंकों के लिए विश्वास बनाए रखना जरूरी
उन्होंने कहा कि बैंकों के लिए लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। पिछले महीने जैसी घटना हुई, उससे बैंक कुछ ही सेकेंड में लोगों का भरोसा खो सकते हैं। संकट में फंसे बैंकों की मदद करने का बफे का इतिहास रहा है। 2008 में बैंकिंग क्राइसिस के वक्त Lehman Brothers के डूबने के बाद उन्होंने Goldman Sachs में 5 अरब डॉलर निवेश किया था। 2011 में उन्होंने संकट में फंसे बैंक ऑफ अमेरिका में 5 अरब डॉलर निवेश किया था। इससे बैंकिंग सेक्टर में लोगों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिली।