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बैंक और NBFC के रिकवरी एजेंट्स शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे के बीच ग्राहक को नहीं कर सकेंगे कॉल, RBI बना रहा नियम

RBI के ड्राफ्ट में कहा गया है कि RE को DSA/DMA/ रिकवरी एजेंट्स को ठीक तरह से प्रशिक्षित करना होगा। इससे वे संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे। इनमें ग्राहक से सेवाओं के लिए संपर्क, कॉल करने का वक्त, कस्टमर्स की प्राइवेसी और प्रोडक्ट के नियम एवं शर्तों के बारे में उन्हें ठीक तरह से जानकारियां देना शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 30, 2023 पर 6:38 PM
बैंक और NBFC के रिकवरी एजेंट्स शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे के बीच ग्राहक को नहीं कर सकेंगे कॉल, RBI बना रहा नियम
अभी बैंक और एनबीएफसी के रिकवरी एजेंट्स लोन के बकाया की वसूली के लिए कई तरह से ग्राहक पर दबाव बनाते हैं। वे फोन और सोशल मीडिया के जरिए ग्राहक को गलत मैसेज भेजते हैं। फोन कर धमकाते हैं।

लोन की वसूली के लिए रिकवरी एजेंट्स पर शिकंजा कसने जा रहा है। RBI ने एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसके मुताबिक रिकवरी एजेंट्स बैंक और एनबीएफसी के ग्राहकों को शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे के बीच फोन नहीं कर सकेंगे। आरबीआई के ड्रॉफ्ट में यह भी कहा गया है कि बैंक और एनबीएफसी जैसे रेगुलेटेड एनटिटीज को कोर मैनेजमेंट फंक्शंस की आउटसोर्सिंग करना ठीक नहीं है। इनमें KYC प्रोसेस, लोन की मंजूरी जैसे काम भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, RE को यह सुनिश्चित करना होगा कि आउटसोर्सिंग के उपायों की वजह से ग्राहक को लेकर उनकी जिम्मेदारियों पर किसी तरह का खराब असर नहीं पड़ना चाहिए। इसमें कहा गया है कि RE को डायरेक्ट सेल्स एजेंट्स/डायरेक्ट मार्केटिंग एजेंट्स/रिकवरी एजेंट्स के लिए एक कोड ऑफ कंडक्ट लागू करना होगा। इसे बोर्ड से मंजूर करना होगा।

RBI के ड्राफ्ट में कहा गया है कि RE को DSA/DMA/ रिकवरी एजेंट्स को ठीक तरह से प्रशिक्षित करना होगा। इससे वे संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे। इनमें ग्राहक से सेवाओं के लिए संपर्क, कॉल करने का वक्त, कस्टमर्स की प्राइवेसी और प्रोडक्ट के नियम एवं शर्तों के बारे में उन्हें ठीक तरह से जानकारियां देना शामिल हैं। RE और उनके रिकवरी एजेंट्स को ग्राहकों को किसी तरह से परेशान करने की इजाजत नहीं होगी। कर्ज की वसूली के लिए वे किसी ग्राहक के साथ दुर्वव्यवहार नहीं कर सकेंगे।

अभी बैंक और एनबीएफसी के रिकवरी एजेंट्स लोन के बकाया की वसूली के लिए कई तरह से ग्राहक पर दबाव बनाते हैं। वे फोन और सोशल मीडिया के जरिए ग्राहक को गलत मैसेज भेजते हैं। फोन कर धमकाते हैं। वे लोन लेने वाले व्यक्ति और गारंटर को लगातार फोन करते रहते हैं। कई बार वे अपनी सही पहचान भी ग्राहक को नहीं बताते हैं। अगर यह ड्राफ्ट नियम में बदल जाता है तो ग्राहकों को रिकवरी एजेंट्स की ज्यादती से छुटकारा मिल जाएगा। रिकवरी एजेंट्स ग्राहक को शाम 7 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक फोन भी नहीं कर सकेंगे।

केंद्रीय बैंक को एनबीएफसी और बैंकों के रिकवरी एजेंट्स की ज्यादती की हमेशा शिकायतें मिलती रहती हैं। RBI कई बार इस मामले में बैंकों को निर्देश दे चुका है। लेकिन, उसका खास असर नहीं दिखा है। खासकर एनबीएफसी के रिकवरी एजेंट के गलत तरीके से ग्राहकों से पेश आने की लगातार शिकायतें मीडिया में आती हैं। कुछ मामलों में तो ग्राहक के ऐसे एजेंट से तंग आकर आत्महत्या करने जैसे मामले भी सामने आए हैं।

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