बैंक वैसे तो वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों को कई सारी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। रिजर्व बैंक ने भी सीनियर सिटीजन और दिव्यांगजनों के लिए बैंकिंग आसान और उनकी पहुंच में लाने के लिए बैंकों को कई निर्देश दिए हैं, लेकिन कभी-कभी कस्टमर्स को ही नहीं पता होता कि वो किन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
बैंकों की ओर से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को घर पर कैश पहुंचाने, डिमांड ड्राफ्ट लाने और कैश या चेक घर से ले जाने जैसी सर्विसें उपलब्ध कराते हैं। लेकिन इसके अलावा भी कई सुविधाएं हैं, जिनका फायदा आप उठा सकते हैं।
सीनियर सिटीजन के पास डोरस्टेप बैंकिंग की सुविधा होती है। वो अपना कैश या चेक घर से ही बैंक ऑफिशियल को दे सकते हैं। बैंक भी कैश निकालने और डिमांड ड्राफ्ट देने जैसी सुविधाएं उस कस्टमर को उसके घर पर ही दे सकता है। इसके अलावा कस्टमर्स अपने केवाईसी डॉक्यूमेंट्स और जन्म प्रमाण पत्र भी घर से ही बैंक में सबमिट कर सकते हैं।
डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एंड बैंक अकाउंट्स के जीवन प्रमाण स्कीम के तहत डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा में कस्टमर्स अपना प्रमाण पत्र अपने पेंशन वाले बैंक के किसी भी ब्रांच में जमा कर सकते हैं।
बैंकों को सेविंग्स बैंक अकाउंट के सीनियर सिटीजन कस्टमर्स को चेकबुक में हर साल 25 पन्ने देने होंगे।
बैंक वरिष्ठ नागरिकों को चेकबुक इशू करने के लिए वहां उनकी उपस्थिति के लिए दबाव नहीं डाल सकते।
बैंकों के पास रिकॉर्ड में बर्थ डिटेल होती है, फिर भी किसी अकाउंट को सीनियर सिटीजन अकाउंट में ऑटोमेटिकली कन्वर्ट नहीं किया जाता। लेकिन बैंकों को निर्देश दिया गया है कि बैंक रिकॉर्ड के हिसाब से सीनियर सिटीजन अकाउंट की श्रेणी में आने वाले केवाईसी अपडेटेड अकाउंट्स को ऑटोमेटिकली कन्वर्ट करें।
बैंकों को सीनियर सिटीजन्स को टाइम पर फॉर्म 15जी एच प्रोवाइड कराना होगा ताकि वो वक्त पर अपना फॉर्म भर सकें।
इसके अलावा बैंकों में सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग से काउंटर्स होने चाहिए।
