7th Pay Commission News: वित्त मंत्रालय के तहत व्यय विभाग (DoE) ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों को अपडेट कर दिया है। अब नए नियमों के मुताबिक कुछ मामलों में सरकारी कर्मचारियों को HRA नहीं मिलेगा। ये सरकारी कर्मचारी एचआरए के पात्र नहीं होंगे।
इन सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा HRA
अगर सरकारी कर्मचारी सरकारी क्वाटर को किसी अन्य सरकारी कर्मचारी के साथ शेयर कर रहे हैं तो उन्हें HRA नहीं मिलेगा। अगर कर्मचारी अपने माता-पिता, बेटा या बेटी के सरकारी मकान में रह रहे हैं तो एचआरए नहीं मिलेगा। इसमें केंद्र, राज्य, ऑटोनॉमस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और सेमी-गवर्मेंट संस्थाओं के कर्मचारी भी शामिल है। इसमें नगरपालिका, पोर्ट ट्रस्ट, राष्ट्रीयकृत बैंक, एलआईसी आदि के कर्मचारी भी शामिल है।
यदि किसी सरकारी सेवक के पति/पत्नी को सरकारी सेवक के रूप में एक ही घर में रह रहे हैं। वह ऊपर बताए गए किसी भी सरकारी संस्थान में काम करते है। वह एक ही सरकारी घर में रह रहे हैं, अलग रह रहे हैं या किराये पर रह रहे हैं, तो उन्हें एरआरए नहीं मिलेगा।
सरकार इतना देती है मकान किराया भत्ता यानी HRA
कोई भी सरकारी सैलरीड व्यक्ति जो किराये के घर में रह रहा है। उसके घर से जुड़े खर्च को 3 केटेगरी में बांटा गया है। वह है X, Y और Z..
1. 'X' 50 लाख और उससे अधिक जनसंख्या वाले एरिया के लिए है। यहां 7वें वेतन आयोग के तहत HRA 24% दिया जाता है।
2. 'Y' 5 लाख से 50 लाख के बीच आबादी वाले एरिया के लिए है। यहां 16% दिया जाता है।
3. जहां आबादी 5 लाख से कम है वहां 8 फीसदी दिया जाता है।