कोविड में नौकरी जाने के बाद एक NRI को मिला बिजनेस आइडिया, मशरूम के साथ मिलाकर बनाई कॉफी

2021 में लालू थॉमस उन कई अनिवासी भारतीयों (NRI) में से एक थे जिन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान अपनी नौकरी खो दी थी। हालांकि, उन्होंने खेती शुरू की। थलावूर निवासी कुछ अलग चाहते थे और फिर एक दिन La Bae आया। ये एक मशरूम इन्फ्यूज्ड कॉफी ब्रांड है जिसे कृषि विज्ञान केंद्र, सदानंदपुरम की मदद से बनाया गया है

अपडेटेड May 26, 2023 पर 7:41 PM
थॉमस के मुताबिक कोविड-19 के दौरान हमने हेल्थ प्रोडक्ट की काफी डिमांड देखी।

Business Idea: 2021 में लालू थॉमस उन कई अनिवासी भारतीयों (NRI) में से एक थे जिन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान अपनी नौकरी खो दी थी। लेकिन इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और खेती शुरू की। थलावूर निवासी लालू थॉमस कुछ अलग चाहते थे और फिर एक दिन La Bae आया। La Bae एक मशरूम इन्फ्यूज्ड कॉफी ब्रांड है जिसे कृषि विज्ञान केंद्र, सदानंदपुरम की मदद से बनाया गया है।

थॉमस के मुताबिक कोविड-19 के दौरान हमने हेल्थ प्रोडक्ट की काफी डिमांड देखी और फिर संभावनाओं का पता लगाने का फैसला किया। फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, मशरूम में सब्जियों और फलों की तुलना में अधिक खनिज होते हैं। यह केरल का पहला मशरूम कॉफी पाउडर है। मशरूम कॉफी की पोषण वैल्यू और शेल्फ लाइफ का मूल्यांकन खाद्य अनुसंधान और विकास परिषद (CFRD) और काजू निर्यात संवर्धन परिषद (CEPCI) की लैब में किया गया है।

संयुक्त अरब अमीरात में शेफ के रूप में काम करते हुए लालू थॉमस के दिमाग में स्टार्टअप शुरू करने की बात कभी नहीं थी। लेकिन वह एक वैल्यूएडेड फूड प्रोडक्ट बनाना चाहते थे। जब उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात में 15 साल पूरे किए, तब तक 45 साल की उम्र में उन्हें घर की याद आने लगी और वह केरल में अपने होमटाउन कोल्लम लौटना चाहते थे। साल 2019 में उन्होंने  अपनी नौकरी खो दी, जब उन्होंने अच्छे के लिए वापस आने और भारत में अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया।


केरल लौटने पर लालू ने शुरू में मशरूम की खेती करने का फैसला किया, जो बचपन में उनकी मां का शौक था। उन्होंने पहले मशरूम की खेती शुरू की लेकिन वो एक प्रॉफिटेबल बिजनेस नहीं रहा। इसके बाद वह कोल्लम में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) पहुंचे और उनके साथ रिसर्च करने की अपील की। उसके बाद बनी La Bae मशरूम फ्लेवर्ड कॉफी।

लालू को 2 साल के बाद मशरूम कॉफी में मशरूम और कॉफी का सही रेशो समझ में आया। कॉफी के हर पैकेट में 70 फीसदी मशरूम पाउडर 30 फीसदी कॉफी पाउडर होता है। इस मिक्सचर में 100 फीसदी अरेबिका कॉफी मिलाई जाती है।  लालू थॉमस अपने खेत से मशरूम लेते हैं और महाराष्ट्र के कई इलाकों से खरीदते हैं। थॉमस के पास कॉफी के अपने पेड़ नहीं हैं। वह इसे वायनाड से लेते हैं। अब वह इसे जल्द लोकल और इंटनेशनल मार्केट में लाने वाले हैं।

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