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Capital Gains: कैपिटल गेंस टैक्स को लेकर चिंतित हैं? इन नियमों को जानते ही डर खत्म हो जाएगा

इनकम टैक्स के नियम जमीन या घर की बिक्री से हुए कैपिटल गेंस पर एग्जेम्प्शंस क्लेम करने की इजाजत देते हैं। इससे टैक्स का बोझ काफी कम हो जाता है। कुछ मामलों में तो टैक्स घटकर जीरो हो जाता है। हालांकि, इस नियम के साथ कुछ शर्तें जुड़ी हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 11, 2026 पर 5:13 PM
Capital Gains: कैपिटल गेंस टैक्स को लेकर चिंतित हैं? इन नियमों को जानते ही डर खत्म हो जाएगा
इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 54, 54बी, 54ईसी और 54 एफ के तहत एग्जेम्प्शन क्लेम करने की इजाजत है।

प्रॉपर्टी या किसी दूसरे एसेट को बेचने से अगर आपको कैपिटल गेंस हुआ है तो टैक्स के कैलकुलेशन से पहले आपको इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत उपलब्ध एग्जेम्प्शंस के बारे में जान लेना चाहिए। इससे टैक्स में काफी राहत मिल जाती है। आइए इनकम टैक्स के नियम के तहत उपलब्ध एग्जेम्प्शंस के बारे में विस्तार से जानते हैं।

ये सेक्शंस देते हैं एग्जेम्प्शंस की इजाजत

क्लियर टैक्स में टैक्स एक्सपर्ट चांदनी आनंदन ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 54, 54बी, 54ईसी और 54 एफ के तहत एग्जेम्प्शन क्लेम करने की इजाजत है। सेक्शन 54बी एग्रीकल्चरल लैंड को बेचने से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस के मामले में लागू होता है। बाकी सेक्शंस सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के मामले में लागू होते हैं।

सेक्शन 54 का इस्तेमाल

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