CGHS: अब CGHS की सुविधा और भी आसान हो गई है। सरकार ने इसे पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज की मंजूरी, मेडिकल मशीनों के परमिशन और पेमेंट जैसी चीजों के लिए अस्पताल या दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब सब कुछ मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे किया जा सकता है, वो भी बिना किसी झंझट या देरी के पूरे किये जा सकते हैं।
1. अब पैन कार्ड से बनेगी आपकी CGHS ID
हर CGHS लाभार्थी को अब पैन कार्ड से जुड़ी यूनिक आईडी दी जाएगी। इससे एक ही आदमी के नाम से दो-दो फाइलें बनने की दिक्कत खत्म हो जाएगी और इलाज का रिकॉर्ड भी साफ-सुथरा रहेगा।
2. ऑनलाइन पेमेंट की झंझट नहीं
अब CGHS की फीस या योगदान जमा करने के लिए www.cghs.mohfw.gov.in वेबसाइट से सीधा पेमेंट किया जा सकता है। ये साइट भारत कोष (Bharat Kosh) से जुड़ी है, इसलिए अब पेमेंट ऑटोमैटिकली वेरिफाई हो जाएगा, किसी कर्मचारी से साइन कराने की जरूरत नहीं।
3. पासवर्ड बदलना होगा जरूरी
जो लोग पहले से CGHS यूजर हैं, उन्हें नई साइट पर लॉगिन करने के बाद पासवर्ड बदलना जरूरी होगा। इससे आपका अकाउंट ज्यादा सेफ रहेगा।
4. मेडिकल मशीनों की अब जल्दी मंजूरी
अब मरीजों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, CPAP या BiPAP जैसी जरूरी मशीनों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले यह सब मंजूरी ऑफलाइन मिलती थी और हफ्तों लग जाते थे, लेकिन अब सब कुछ ऑनलाइन होगा और परमिशन भी जल्दी मिलेगी।
5. SMS और ईमेल पर मिलेगी हर अपडेट
आपने कुछ अप्लाई किया या मंजूरी मिली या पेमेंट हो गया। हर अपडेट अब आपको SMS और ईमेल के जरिए मिलती रहेगी। इससे बार-बार ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
6. नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च हुआ
सरकार ने myCGHS 2.0 नाम का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। इसे आप Google Play Store से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप से कार्ड ट्रांसफर, आश्रित जोड़ना या कार्ड बदलने जैसे कई काम आप घर बैठे कर सकते हैं।
अब आप अपने CGHS आवेदन की स्थिति खुद ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। हर काम के लिए तुरंत रसीद मिल जाएगी और हेल्प के लिए वेबसाइट और ऐप पर हेल्पडेस्क और गाइड भी मौजूद है।