Child PPF: बच्चे के नाम पीपीएफ खाते में कितना कर सकते हैं इंवेस्ट? हर महीने ₹5000 डालेंगे तो 15 साल बाद मिलेगा इतना पैसा

Child PPF:पीपीएफ का सबसे बड़ा फायदा केवल इसका रिटर्न नहीं है बल्कि वह समय है जो आपके पैसे को बढ़ने के लिए मिलता है। जब आप बच्चे के छोटे होने पर ही निवेश शुरू करते हैं तो चक्रवृद्धि यानी कंपाउंडिंग की ताकत को काम करने के लिए कई साल मिल जाते हैं।

अपडेटेड Aug 21, 2026 पर 1:59 PM
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जब आप बच्चे के छोटे होने पर ही निवेश शुरू करते हैं तो चक्रवृद्धि यानी कंपाउंडिंग की ताकत को काम करने के लिए कई साल मिल जाते हैं।

Child PPF Rule: हर गार्जियन की कोशिश होती है कि वो अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार करो। आजकल पढ़ाई और करियर बनाने में खर्च ही इतना बढ़ गया है कि हर घर में इसे लेकर रोजाना की प्लानिंग और माथापच्ची चलती रहती है। बच्चा छोटा होता है तभी से उसके सुरक्षित भविष्य की प्लानिंग करनी पड़ती है। चाहे आगे आने वाले समय में कॉलेज की फीस हो या प्रोफेशनल कोर्स के खर्च हो हर माता-पिता जितनी जल्दी हो सके इन्वेस्टमेंट करना शुरू कर देते हैं। अभी मार्केट में कई तरह के इन्वेस्टमेंट विकल्प हैं लेकिन शेयर मार्केट का उतार-चढ़ाव लोगों को डराता भी है। ऐसे में सार्वजनिक भविष्य निधि (Public Provident Fund - PPF) एक ऐसे विकल्प के रूप में सामने आती है जिसे सरकार की बैकिंग है। यानी आपका पैसा सुरक्षित है और आप करीब-करीब एग्जैक्ट कैलकुलेट कर सकते हैं कि अपने बच्चे के लिए जो निवेश कर रहे हैं उससे भविष्य में बनने वाले फंड का आकार क्या होगा।

हर माता-पिता या कानूनी अभिभावकों के लिए जानना जरूरी है कि वो अपने नाबालिग बच्चे की ओर से पीपीएफ खाता खोल सकते हैं। बच्चे का यह खाता नियमित पीपीएफ खाते की तरह ही काम करता है। आइए आपको विस्तार चाइल्ड पीपीएफ स्कीम की जानकारी देते हैं ताकि आप अपने बच्चे के लिए एक स्मार्ट और इंफॉर्म्ड डिसीजन ले सकें।

बच्चे के नाम PPF खाते में कितना कर सकते हैं निवेश?


बच्चे के नाम पर पीपीएफ खाता खोलते समय एक बेहद जरूरी नियम जान लेना चाहिए क्योंकि अक्सर लोग इसे लेकर भ्रम की स्थिति में रहते हैं। एक फाइनेंशियल ईयर में माता-पिता के अपने पीपीएफ खाते और बच्चे के पीपीएफ खाते में मिलाकर कुल योगदान 1.5 लाख रुपये से अधिक इंवेस्ट नहीं कर सकते। इसका मतलब यह है कि अगर आप पहले से ही अपने खाते में हर साल 1.5 लाख रुपये की अधिकतम सीमा का निवेश कर रहे हैं तो आप अपने बच्चे के पीपीएफ खाते में अलग से निवेश नहीं कर पाएंगे।

हर महीने ₹5000 के निवेश से 15 साल में कितना फंड होगा तैयार?

अगर आप अपने बच्चे के पीपीएफ खाते में हर महीने 5000 रुपये जमा करते हैं तो इस हिसाब से आप एक साल में 60 हजार रुपये जमा कर रहे हैं। 15 साल में आपका कुल इंवेस्टमेंट 9 लाख रुपये का होगा। अभी पीपीएफ खातों पर 7.1 फीसदी इंट्रेस्ट मिलता है (1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक लागू दर के अनुसार)। आपका कैलकुलेशन अगर इसी हिसाब से करें तो 15 साल में जब पीपीएफ खाते का इंवेस्टमेंट मैच्योर होगा तो करीब 16.3 लाख रुपये रुपये हो जाएंगे। ध्यान रखें कि ये कैलकुलेशन 7.1 फीसदी इंट्रेस्ट रेट को फिक्स मान कर की गई है। यानी इस हिसाब से आप अपने इंवेस्ट में 7 लाख रुपये से अधिक का ब्याज हासिल करते हैं। ध्यान रखें कि असल मैच्योरिटी वैल्यू में थोड़ा बदलाव आ सकता है क्योंकि सरकार हर तिमाही में पीपीएफ की ब्याज दरों की समीक्षा करती है।

कम्पाउंडिंग का जादू और 5 साल का एक्सटेंशन

पीपीएफ का सबसे बड़ा फायदा केवल इसका रिटर्न नहीं है बल्कि वह समय है जो आपके पैसे को बढ़ने के लिए मिलता है। जब आप बच्चे के छोटे होने पर ही निवेश शुरू करते हैं तो चक्रवृद्धि यानी कंपाउंडिंग की ताकत को काम करने के लिए कई साल मिल जाते हैं। भले ही ये मंथली इंवेस्टमेंट बहुत बड़ा न लगे, लेकिन हर साल अर्जित ब्याज भी ब्याज कमाने लगता है। इससे फंड लगातार बढ़ता रहता है। कई माता-पिता यह नहीं जानते कि 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद पीपीएफ खाता बंद करना अनिवार्य नहीं है। अगर पैसों की तुरंत जरूरत नहीं है तो नए योगदान के साथ पीपीएफ खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। यह तब फायदेमंद हो सकता है जब आपका बच्चा उच्च शिक्षा से कुछ साल दूर हो या आप फंड को और बढ़ाना चाहते हों।

इसका टैक्स लाभ भी तो है

मौजूदा नियमों के तहत पीपीएफ उन कुछ चुनिंदा निवेश विकल्पों में से एक है जो कई स्टेप में आपको फायदा पहुंचाता है। टैक्स के लिहाज से देखें तो ये धारा 80C के तहत कटौती के लिए पात्र है। इससे होनी वाली कमाई पूरी तरह टैक्स फ्री है।

पीपीएफ को लेकर क्या सावधानी बरतें?

ध्यान रखिए कि पीपीएफ आपके हर फाइनेंशियल टारगेट के लिए काम नहीं करेगा। इसमें एक लंबा लॉक-इन पीरियड होता है और विड्रॉल की इजाजत सिर्फ खास शर्तों के तहत ही दी जाती है। अगर आप उन खर्चों के लिए बचत कर रहे हैं जो अगले तीन या चार वर्षों में आ सकते हैं, तो आपको अधिक फ्लेक्सिबल इंवेस्टमेंट ऑप्शन की जरूरत होगी।

ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि 15 साल बाद बच्चे की उच्च शिक्षा पर कितना खर्च आएगा, इसका सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है। इसके बावजूद निवेश में देरी करने से किसी भी लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता कठिन ही होता जाता है। ऐसे में आपको बच्चे के भविष्य के लिए सही समय से एक इंफॉर्म्ड डिसीजन जरूर ले लेना चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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