कोल इंडिया (Coal India) ने इस वित्त वर्ष में अभी तक बिजली क्षेत्र या पावर सेक्टर (Power Sector) को 49.3 करोड़ टन कोयला सप्लाई किया है, जो एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले का रिकॉर्ड 49.15 करोड़ टन कोयले की सप्लाई थी, जो वित्त वर्ष 2018-19 में किया गया था। खास बात यह है कि अभी यह वित्त वर्ष खत्म होने में करीब 1 महीने बाकी है, ऐसे में यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा।
कोल इंडिया ने अप्रैल 2021 से फरवरी 2022 के दौरान पावर सेक्टर को पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 9 करोड़ अधिक कोयला सप्लाई किया है।
कोल इंडिया ने एक बयान में बताया कि कोयले की खपत करने वाले पावर सेक्टर को अप्रैल अप्रैल 2021 से फरवरी 2022 के बीच 48.8 करोड़ टन की सप्लाई दी गई, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 23 फीसदी अधिक है।
कोल इंडिया ने बयान में कहा कि इस साल कोयले की मांग में काफी अनिश्चितता थी और इसके हिसाब से एडजस्ट करना उसके लिए एक बड़ी चुनौती रही। कोल आधारित बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों में ग्रोथ पिछले दो वित्त वर्ष में काफी नरम रही। हालांकि जनवरी 2022 में इसमें 11.2 फीसदी की तेजी देखी गई, पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले।
फरवरी 2022 में कोल इंडिया ने पावर सेक्टर को 4.84 करोड़ टन सप्लाई की, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 22 फीसदी अधिक है। फरवरी 2021 में कोल इंडिया ने पावर सेक्टर को 3.98 करोड़ टन सप्लाई दी थी। इस तरह फरवरी 2022 में कोल सप्लाई 86 लाख बढ़ी है।
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुमान के मुताबिक कोल इंडिया का लक्ष्य मौजूदा वित्त वर्ष में पावर सेक्टर को 54.8 करोड़ टन की सप्लाई करना है। कंपनी के पिटहेड में अभी 4.3 करोड़ टन कोयले का स्टॉक है, जिससे वित्त वर्ष के अंत तक और बढ़ने की उम्मीद है।
कोल इंडिया के शेयर शुक्रवार को एनएसई पर 3.84 फीसदी की गिरावट के साथ 181.70 रुपये पर बंद हुए।