सेंसेक्स में 768 अंकों की गिरावट, रूस-यूक्रेन युद्ध सहित इन 4 वजहों से बना हुआ है बाजार पर प्रेशर
Russia-Ukraine conflict बढ़ने और क्रूड की कीमतें बढ़ने से निकट भविष्य में बाजार में गिरावट जारी रहने का अनुमान है, राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजों और US Fed मीटिंग के चलते अगले दो हफ्तों के दौरान उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
इनवेस्टर्स आज आने वाले यूएस जॉब डाटा (US job data) का इंतजार करेंगे, जिनके अच्छे रहने का अनुमान है
Stock Markets crash : रूसी सेनाओं के हमले के चलते धमाकों के यूक्रेन स्थित यूरोप के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट में धमाकों के बाद आग लगने खबर से भारतीय शेयर बाजार भी दहल गए। बड़ी आपदा की चिंताओं से शुक्रवार, 4 मार्च को शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 768.87 अंक यानी 1.40 फीसदी की गिरावट के साथ 54,333.81 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 252.70 अंक यानी 1.53 फीसदी टूटकर 16245.35 के स्तर पर बंद हुआ है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा के मुताबिक, यदि इस प्लांट में हादसा होता है तो यह चेर्नोबिल डिजास्टर (Chornobyl disaster) से 10 गुना बड़ा हो सकता है। ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक एंड सोशल रिसर्च के मुताबिक, यूक्रेन में चल रही इस जंग के चलते 2023 तक दुनिया का जीडीपी (GDP) लगभग 1 फीसदी घट सकता है और इस साल वैश्विक महंगाई (global inflation) 3 फीसदी बढ़ सकती है।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, रूस-यूक्रेन टकराव (Russia-Ukraine conflict) बढ़ने और क्रूड और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से निकट भविष्य में बाजार में गिरावट जारी रहने का अनुमान है। राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजों और यूएस फेड (US Fed) मीटिंग के चलते अगले दो हफ्तों के दौरान उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
इनवेस्टर्स आज आने वाले यूएस जॉब डाटा (US job data) का इंतजार करेंगे। कम जॉबलेस क्लेम और मजबूत एडीपी प्रिंट के चलते जॉब डाटा अच्छे रहने का अनुमान है।
दोपहल 11 बजे के आसपास लगभग 1,200 अंकों की गिरावट के साथ सेंसेक्स ने दिन का निचला स्तर छूआ, लेकिन अगले 3 घंटों में बाजार ने तगड़ी वापसी की। दोपहर लगभग 2 बजे सेंसेक्स 140 अंकों की कमजोरी के साथ 54,963 पर और निफ्टी 63 अंक गिरकर 16,430 के आसपास बना हुआ है।
आज बाजार में रही बिकवाली की ये हैं मुख्य 4 वजह :
न्यूक्लियर प्लांट में आग
Fire at nuclear plant : खबरों के मुताबिक, रूसी सेनाओं के दक्षिणी यूक्रेन के एनेर्होदर शहर में पावर प्लांट पर हमला करने के बाद से रिएक्टर में आग लग गई। एक सरकारी अधिकारी ने द एसोसिएटेडेट प्रेस (AP) को बताया कि जपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट के आस-पास के क्षेत्र में रेडिएशन (Radiation levels at a nuclear power plant) का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है। इस प्लांट में देश की करीब 25 प्रतिशत बिजली का उत्पादन होता है। इस बीच, यूक्रेन (Ukraine) के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा (Ukrainian Foreign Minister Dmytro Kuleba) का बयान सामने आया है।
जिओजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी के विजयकुमार ने कहा, “जंग और क्रूड की महंगाई से पूरा आर्थिक परिदृश्य बदल गया है। यदि लड़ाई जारी रहती है तो ग्लोबल ग्रोथ पर असर पड़ेगा। भारत में सरकार और आरबीआई (RBI) दोनों ने क्रूड की कीमतें 75 डॉलर रहने का अनुमान लगाया था। इसलिए, बजट और मॉनेटरी पॉलिसी के अनुमानों में खासा बदलाव करना होगा। यदि क्रूड की कीमतें नीचे आती हैं और लगभग 100 डॉलर पर बनी रहती हैं तो भी वित्त वर्ष 23 में महंगाई RBI के अनुमान से काफी ज्यादा रहेगी। एमपीसी (MPC) दरें बढ़ाने को मजबूर होगी और इसका असर इकोनॉमिक रिकवरी पर पड़ेगा।”
फ्रांस के राष्ट्रपति का बयान- अभी होगा और “बुरा हाल”
French President Macron : फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने कहा कि अभी यूक्रेन के लिए “सबसे बुरा वक्त” आना बाकी है। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ 90 मिनट तक फोन पर हुई बातचीत के बात यह आशंका जाहिर की। फ्रांस के नेता के एक सहयोगी ने कहा कि ऐसा पुतिन के देश पर पूरी तरह से कब्जा करने के इरादे से जाहिर होता है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति को पुतिन से बातचीत के बाद आशंका है कि अभी और बुरा हाल होना बाकी है।” उन्होंने कहा, राष्ट्रपति पुतिन ने हमसे ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे हमें आश्वस्त होना चाहिए। उन्होंने ऑपरेशन जारी रखने का दृढ़ संकल्प दिखाया है।
trade deficit : जनवरी में मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट बढ़कर 21.2 अरब डॉलर था, जबकि यह जनवरी में 17.9 अरब डॉलर के स्तर पर था। इसकी मुख्य वजह तेल आयात (oil imports) और इकोनॉमी के तीसरी लहर से उबरने के कारण प्रमुख आयात में बढ़ोतरी रही। निर्यात में बढ़ोतरी अच्छी रही है, लेकिन यह इंपोर्ट में बढ़ोतरी की भरपाई करने में सक्षम नहीं है। नॉमुरा रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा, यूक्रेन टेंशन के चलते तेल और कमोडिटी की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे आने वाले महीनों में इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म को वित्त वर्ष 23 में करेंट अकाउंट डेफिसिट बढ़कर जीडीपी का 2.6 फीसदी होने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष में डीजीपी का 1.7 फीसदी रहने का अनुमान है।
एफएमसीजी सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती
FMCG sector slowdown : नीलसनआईक्यू ने अपने तिमाही एफएमसीजी अपडेट में कहा कि अर्बन मार्केट्स में भारत के एफएमसीजी (FMCG) गुड्स की बिक्री में सुस्ती दिखी है और बीते साल रूरल मार्केट में गिरावट रही थी जिसकी मुख्य वजह महंगाई रही। दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान रूरल मार्केट की कंजमप्शन में 4.8 फीसदी की कमी रही, जबकि अर्बन मार्केट में 0.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर महंगाई के दबाव और अन्य मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स के चलते गिरावट 2.6 फीसदी रही।