Axis Securities picks - पिछले डेढ़ महीने में भारतीय बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। अधिकांश सेक्टरों में डबल डिजिट गिरावट आई है। ऐसे में निवेशकों को तमाम क्वालिटी शेयरों में अच्छे भाव पर खरीदारी के मौके मिल रहे है। कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी , यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना, एफआईआई की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली , पूर्वी यूरोप में रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष मार्केट सेटिमेंट को खराब कर रहे है ।
17 जनवरी से 24 फरवरी के बीच हल्की रिकवरी के पहले बीएसई सेंसेक्स 11 फीसदी तक टूट गया था जबकि इसी अवधि में बीएसई मिडकैप इंडेक्स 15 फीसदी जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स ने 18.5 फीसदी का गोता लगाया। अलग-अलग सेक्टर पर नजर डालें तो इस अवधि में auto, capital goods, energy, healthcare, IT, consumer durables, oil & gas, और realty में 10-20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली जबकि banking, FMCG और power 7-9 फीसदी टूटे है।
मई 2020 के बाद वॉलैटिलिटी अपने हाइएस्ट लेवल पर है। भारतीय बाजार का वॉलैटिलिटी इंडेक्स India VIX 30 तक जाता नजर आया है। यह इस बात का संकेत है कि जब तक जियोपॉलिटिकल जोखिम कम नहीं होता तब तक बाजार में स्थिरता नहीं आएगी।
इस बीच क्रूड ऑयल की कीमतें 3 मार्च को अंतराष्ट्रीय बाजार में 120 डॉलर प्रति बैरल तक जाती दिखी जो 2012 के बाद का हाइएस्ट लेवल है। क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले 2 महीनों में 69 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है।
ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमत में उबाल के चलते घरेलू बाजार में महंगाई कम होने में देरी लग सकती है। इसमें 2022 के दुसरी छमाही से कमी आती नजर आ सकती है। एक्सिस सिक्योरिटी का कहना है कि रशिया -यूक्रेन वार के चलते कमोडिटी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। जब तक यह जियोपॉलिटिकल संकट कायम रहेगा। कमोडिटी बाजार की सबसे बड़ी थीम रहेगी।
इन तर्कों के आधार पर एक्सिस सिक्योरिटी ने ऐसे 16 स्टॉक की सूची दी है जिनमें 10-50 फीसदी का अपसाइड मुमकिन है।
National Aluminium Company
Krishna Institute of Medical Sciences
Equitas Small Finance Bank