LIC Housing Finance share price : चौथी तिमाही के नतीजों को बाद LIC हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है। 12.20 बजे के आसपास ये शेयर 14.75 रुपए यानी 2.52 फीसदी की गिरावट के साथ 570 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का लो 546.80 रुपए है। वहीं, इसने इंट्राडे में 580.95 रुपए का हाई छुआ। कल यह शेयर 585.65 रुपए पर बंद हुआ था।
कंपनी के नतीजों पर एक नजर
चौथी तिमाही में कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम 2.6 फीसदी की बढ़त के साथ 2222 करोड़ रुपए पर रही है जो पिछले साल की समान अवधि में 2166 करोड़ रुपए पर रही थी। इस अवधि में कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिट 6.9 फीसदी बढ़ कर 2008 करोड़ रुपए पर रही है जो पिछले साल की समान अवधि में 1879 करोड़ रुपए रही थी। चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 9 फीसदी बढ़कर पिछले साल के समान अवधि के 1368 करोड़ रुपए के मुकाबले 1497 करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन तिमाही आधार पर 2.69% से बढ़ कर 2.80% पर रहा है।
Q4 में डिस्बर्समेंट 10% बढ़कर 21,019 करोड़ रुपए और होम लोन में डिस्बर्समेंट 8% बढ़कर 16,672 करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, नॉन-हाउसिंग लोन डिस्बर्समेंट 25% बढ़कर 3348 करोड़ रुपए पर रहा है।
कंपनी के नतीजों पर मैनेजमेंट की राय
कंपनी के नतीजों पर बात करते हुए LIC हाउसिंग फाइनेंस के MD & CEO त्रिभुवन अधिकारी ने कहा कि FY26 में लोन बुक ग्रोथ गाइडेंस से कम रही है। FY26 इंडस्ट्री के लिए चुनौति भरा रहा है। ब्याज दरों में कटौती से प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ी है। कंपनी के 82% होम लोन निजी ग्राहकों से हैं। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से लोन बुक पर असर रहा। कंपनी ने स्प्रेड और मार्जिन पर फोकस किया। इंडस्ट्री के मुकाबले कंपनी के मार्जिन अच्छे रहे।
अफोर्डेबल हाउसिंग में कंपनी का कम बिजनेस
त्रिभुवन अधिकारी ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग में कंपनी का कम बिजनेस है। अफोर्डेबल हाउसिंग में बुक बढ़ाने पर फोकस है। अफोर्डेबल में हाई ग्रोथ के साथ हाई रिस्क भी है। अफोर्डेबल हाउसिंग में आगे अच्छी ग्रोथ संभव है। एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। FY27 में भी एसेट क्वालिटी में सुधार रहेगा।
ज्यादातर प्रोजेक्ट सेमी लग्जरी,लग्जरी सेगमेंट में
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी का ज्यादातर एक्सपोजर सेमी लग्जरी और लग्जरी सेगमेंट में है। जियो पॉलिटिकल टेंशन से घर खरीदारी पर असर पड़ा है। AI की वजह से भी IT सेक्टर में जॉब का खतरा है। IT हब में घरों की मांग पर असर पड़ सकता है। IT हब शहर कंपनी के लिए बड़े बिजनेस सेंटर हैं।
आगे ब्याज दरें स्थिर रहने की उम्मीद
त्रिभुवन अधिकारी का मानना है कि आगे ब्याज दरें स्थिर रह सकती हैं। बैंक और NBFCs को रेट इन्टेंसिटी पर सोचना होगा। बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव रहा। रेट इन्टेंसिटी (Rate Intensity) से दोनों को नुकसान होगा।