Cera Sanitaryware Share: दिग्गज स्टॉक इनवेस्टर विजय केडिया ने 2004-2005 में जिन तीन कंपनियों के शेयरों निवेश में किया था, उनमें से एक सेरा सैनिटरीवेयर था। इन शेयरों ने केडिया को करोड़पति बना दिया था। उनके निवेश के बाद के 10-12 सालों में इन शेयरों की कीमतें 100 गुना से ज्यादा चढ़ गई थीं। केडिया ने सेरा सैनिटरीवेयर के शेयरों को 16 साल तक अपने पास रखा था। यह बाथरूम फिटिग्ंस और सैनिटरीवेयर बनाने वाली देश की बड़ी कंपनियों में से एक है।
मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन
Cera Sanitaryware का प्रदर्शन मार्च तिमाही में शानदार रहा। हालांकि, पीतल की बढ़ती कीमतों और प्रोडक्ट्स पर ज्यादा डिस्काउंट देने का असर कंपनी के प्रॉफिट पर दिखा। इस दौरान रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 11.4 फीसदी बढ़कर 644 करोड़ रुपये रहा। इसमें 12 फीसदी वॉल्यूम ग्रोथ का हाथ रहा।
रिटेल डिमांड में अच्छी रिकवरी
कंपनी ने कहा है कि रिटेल डिमांड में मार्च तिमाही में मजबूती दिखी। यह FY23 से कमजोर बनी हुई थी। मार्च तिमाही में कंपनी के अच्छे प्रदर्शन में Faucetware का बड़ा हाथ रहा। इस सेगमेंट की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 24.3 फीसदी रही, जो सैनिटरीवेयर की 10.7 फीसदी ग्रोथ से काफी ज्यादा है।
Faucetware की अच्छी ग्रोथ की उम्मीद
कंपनी को Faucetware की वॉल्यूम ग्रोथ इस वित्त वर्ष में 10-12 फीसदी रहने की उम्मीद है। सैनिटरीवेयर की वॉल्यूम ग्रोथ इस दौरान 7-8 फीसदी रह सकती है। मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन साल दर साल आधार पर 310 फीसदी गिरकर 15.2 फीसदी पर आ गया। इसमें पीतल की बढ़ती कीमतों, हाई ट्रेड डिस्काउंट और उभरते ब्रांड्स में लगातार निवेश है। मार्च तिमाही में पीतल की कीमतें साल दर साल आधार पर 30 फीसदी बढ़ी हैं। इसका असर Faucetware से होने वाले मुनाफे पर पड़ा है।
गैस सप्लाई में दिक्कत का ज्यादा असर नहीं
कंपनी ने बढ़ती इनपुट कॉस्ट को देखते हुए मार्च तिमाही में सैनिटरीवेयर की कीमतें 12 फीसदी और Faucetware की कीमतें 16 फीसदी बढ़ाई थीं। कंपनी को गैस सप्लाई में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि, कंपनी को इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेंशन की वजह से ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। कंपनी करीब 64 फीसदी गैस गेल से हासिल करती है। इसलिए गुजरात के मोरबी स्थित दूसरे मैन्युफैक्चरर्स के मुकाबले सेरा सैनिटरीवेयर सुरक्षित स्थिति में है।
कंपनी Faucetware की बढ़ा रही उत्पादन क्षमता
कंपनी को आगे रिटेल डिमांड में इम्प्रूवमेंट का फायदा मिलेगा। कीमतें बढ़ाने का भी फायदा कंपनी को मिलेगा। मोरबी की इकाइयों को गैस की सप्लाई में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसका फायदा सेरा सैनिटरीवेयर जैसी बड़ी कपंनियों को मिल सकता है। उनकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ सकती है। कंपनी की बैलेंसशीट स्ट्रॉन्ग है। वर्किंग कैपिटल प्रोफाइल बेहतर हो रही है। कंपनी मीडियम टर्म में Faucetware की डिमांड को ध्यान में रख उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है।
क्या आपको करना चाहिए निवेश?
Cera Sanitaryware का शेयर 13 मई को 2.13 फीसदी गिरकर 5,800 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 11.16 फीसदी चढ़ा है। शेयर के करेंट प्राइस को देखते हुए ऐसा लगता है कि शॉर्ट टर्म में रिकवरी का ज्यादा असर शेयर की कीमतों पर नहीं पड़ेगा।
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