दिग्गज निवेशक विजय केडिया के खास 5 निवेश मंत्र जान लें, बाजार में गिरावट में भी बनेगा पैसा

विजय केडिया का मानना है कि निवेशकों को शेयर में नहीं बल्कि कंपनी में निवेश करना चाहिए। शेयर में गिरावट आ सकती है। लेकिन, अगर कंपनी अच्छी है तो उसका शेयर लंबी अवधि में जरूर ऊपर जाएगा। केडिया ने 2000 के दशक में खुद ऐसी तीन कंपनियों में निवेश किया था, जिनकी कीमतें 100 गुना से ज्यादा चढ़ गईं

अपडेटेड May 13, 2026 पर 7:34 AM
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हर दिग्गज इनवेस्टर की अपनी खास स्ट्रेटेजी होती है। केडिया 'SMiLE' स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करते हैं।

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आने पर ज्यादातर इनवेस्टर्स डर जाते हैं। इनमें से कई घबराकर औने-पौने दाम में अपने शेयर बेच देते हैं। फिर, वे हमेशा के लिए मार्केट से दूरी बना लेते हैं। कुछ इनवेस्टर्स गिरावट के बीच भी बाजार में टिके रहते हैं। रिकवरी आने पर वे मोटा पैसा बनाते हैं। 2008 और 2020 में बाजार में आई गिरावट में कई निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ, जबकि कुछ ने बड़ी कमाई की। दिग्गज निवेशक विजय केडिया का मानना है कि इनवेस्टर्स को गिरावट से घबराना नहीं चाहिए।

शेयर में नहीं, कंपनी में करें निवेश

केडिया का मानना है कि निवेशकों को शेयर में नहीं बल्कि कंपनी में निवेश करना चाहिए। शेयर में गिरावट आ सकती है। लेकिन, अगर कंपनी अच्छी है तो उसका शेयर लंबी अवधि में जरूर ऊपर जाएगा। केडिया ने 2000 के दशक में खुद ऐसी तीन कंपनियों में निवेश किया था। इन कंपनियों के शेयरों के भाव अगले 10-20 सालों में 100 गुना से ज्यादा हो गए। ये तीन कंपनियां अतुल ऑटो, Aegis Logistics और Cera Sanitaryware हैं।


कम कीमत पर निवेश से बनता है पैसा

हर दिग्गज इनवेस्टर की अपनी खास स्ट्रेटेजी होती है। केडिया 'SMiLE' स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करते हैं। उनका मानना है कि यह ऐसी स्ट्रेटेजी है जो हर वक्त काम करती है। SMiLE का मतलब है-स्मॉल इन साइज, मीडियम इन एक्सपीरियंस, लार्ज इन एस्पिरेशन और एक्स्ट्रा लार्ज मार्केट पोटेंशियल। उन्होंने निवेश में हमेशा इस स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल किया है। वह एक और खास सलाह देते हैं। उनका कहना है कि निवेशक एक बात हमेशा दिमाग में रखनी चाहिए। जब तक उसकी खरीद कीमत कम नहीं होगी, बाजार में उसे कामयाबी नहीं मिलेगी।

1-2 साल में रिटर्न का कैलकुलेशन नहीं करें

उनका मानना है कि अगर आप लॉन्ग टर्म इनवेस्टर हैं तो आपको एक साल या दो साल के आधार पर रिटर्न का कैलकुलेशन नहीं नहीं करना चाहिए। कई इनवेस्टर्स बाजार में गिरावट आने पर घबरा जाते हैं। सच यह है कि बुल मार्केट्स में भी किसी साल आपका रिटर्न 5 फीसदी या जीरो फीसदी रह सकता है। पहले साल आपके शेयर की कीमत दोगुनी हो सकती है। हो सकता है अगले दो सालों तक आपको 5 फीसदी या जीरो रिटर्न मिले। यह बाजार का स्वभाव है।

बाजार को समझने के बाद सीधे शेयरों में निवेश

केडिया निवेश को फुल-टाइम काम मानते हैं। उनका कहना है कि निवेश पार्ट-टाइम जॉब नहीं है। अगर कोई फुल टाइम नौकरी में है तो उसे शेयरों में सीधे निवेश करने की जगह म्यूचुअल फंड्स के रास्ते निवेश करना चाहिए। बाजार की समझ के बगैर सीधे शेयरों में निवेश करना ठीक नहीं है। ऐसा करना आग से खेलने जैसा है।

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निवेश मे हर गलती आपको सिखाती है

निवेशकों को यह बात जरूर समझ लेनी चाहिए कि बगैर ठोकर खाए आप शेयरों से पैसे नहीं बना सकते। जो इनवेस्टर्स असफलता से डरते हैं, वे बाजार में पैसा नहीं बना पाते। अगर आपको सीधे शेयरों में निवेश करने में डर लगता है तो आप पहले म्यूचुअल फंड्स में निवेश से शुरुआत करें। साथ ही बाजार को समझने की कोशिश करते रहे। इसमें 3-5 साल का समय लग सकता है। जब आपको पर्याप्त अनुभव हो जाए तब आप सीधे शेयरों में निवेश करें।

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