इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन आई बड़ी गिरावट ने इनवेस्टर्स को मायूस किया है। दो दिन में इनवेस्टर्स को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। बाजार में बड़ी गिरावट की वजह अमेरिका-ईरान में बातचीत में हो रही देर है। बातचीत की स्थितियां नहीं बनने से क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं।
दो दिन में प्रमुख सूचकांकों में 3.4 फीसदी गिरावट
निफ्टी 1.83 फीसदी गिरकर 23,379 अंक पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1.92 फीसदी की गिरावट के साथ 74,559 पर आ गया। यह बीते छह हफ्तों में दोनों सूचकांकों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई है। इस हफ्ते दो दिनों में सूचकांक करीब 3.4 फीसदी गिर चुके हैं। सवाल है कि क्या बाजार ओवरसोल्ड स्थिति में पहुंच चुका है? क्या बाजार में और गिरावट आने वाली है?
निफ्टी 13 अप्रैल के अपने निचले स्तर के नीचे
सैमको सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट ओम मेहरा ने कहा, "निफ्टी में लगातार चौथे सत्र गिरावट आई। यह गिरावट के साथ खुला और 436 अंक गिरकर 23,379 पर बंद हुआ। इससे यह 13 अप्रैल के अपने निचले स्तर से नीचे आ गया है। यह स्तर निफ्टी के लिए स्ट्रॉन्ग सपोर्ट का काम कर रहा था।"
बाजार का आउटलुक काफी कमजोर
उन्होंने कहा कि निफ्टी अब करीब सभी प्रमुख मूविंग एवरेजेज के नीचे चला गया है। RSI गिरकर 40 पर आ गया है। अब यह ओवरसोल्ड स्थिति की तरफ बढ़ रहा है और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे जा रहा है। गिरावट की स्थिति में 23200-23,150 की रेंज में अगला सपोर्ट है। तेजी की स्थिति में 23,550-23,650 की रेंज रेसिस्टेंस का है। निफ्टी जब तक क्लोजिंग बेसिस पर इस रेंज को तोड़ नहीं देता, बाजार का आउटलुक काफी कमजोर रहेगा।
रुपया गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा, "घरेलू शेयर बाजारों पर दबाब बना हुआ है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों की वजह से रुपया गिरकर निचले स्तर पर आ गया है। इसमें पश्चिम एशिया में तनाव और विदेशी फंडों की बिकवाली का हाथ है। बाजार की गिरावट में आईटी और रियल्टी स्टॉक्स का ज्यादा हाथ रहा।"
बैंक निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र गिरावट
बैंक निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र गिरावट आई। यह 1.63 फीसदी गिरकर 53,555 पर आ गया। मेहरा ने कहा, "बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर थ्री ब्लैक क्रो पैटर्न बनाया है। पहले दिखा इनवर्टेड कप एंड हैंडल ब्रेकडाउन अब भी अपनी अपनी जगह पर है। अब यह सूचकांक 52,778 के अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल की तरफ बढ़ रहा है। 20-डे SMA 55,000 पर है, जो करेंट लेवल से काफी ऊपर है। इसका मतलब है कि हाल में रिकवरी के हाई से सूचकांक काफी गिरा है। RSI गिरकर 40 पर आ गया है। यह ओवरसोल्ड जोन की तरफ बढ़ रहा है।"
इन लेवल्स पर रखें खास नजर
कोटक सिक्योरिटीज के हेड (इक्विटी रिसर्च) श्रीकांत चौहान ने कहा, "हमारा मानना है कि इंट्रा-डे मार्केट का टेक्सचर कमजोर है। लेकिन, ओवरसोल्ड की स्थितियां करेंट लेवल से एक क्विक पुलबैक की संभावना का संकेत दे रही है। डे ट्रेडर्स के लिए 23,500/74,800 पर प्रमुख रेसिस्टेंस है। 23,500/74,800 के ऊपर जाने पर पुलबैक मूव सूचकांकों को 23,600-25,650/75,00-75,300 तक ले जा सकता है।"
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