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Business Idea: ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान हो जाएंगे मालामाल, जानिए कैसे करें शुरू

Business Idea: ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सरकार प्रति एकड़ 1,20,000 रुपये की आर्थिक मदद कर रही है। एक किसान 10 एकड़ तक के बाग के लिए आर्थिक मदद ले सकते हैं। अब किसान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों के किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं

Jitendra Singhअपडेटेड Sep 27, 2023 पर 9:30 AM
Business Idea: ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसान हो जाएंगे मालामाल, जानिए कैसे करें शुरू
Business Idea: ड्रैगन फ्रूट की खेती भारत में बहुत कम होती है। ड्रैगन फ्रूट से मोटी कमाई कर सकते हैं।

Business Idea: अगर आप खेती के जरिए बंपर कमाई करना चाहते हैं तो आज हम आपको एक ऐसे फल की खेती के बारे में बता रहे हैं। जिसमें छप्पर फाड़ कमाई है। हम बात कर रहे हैं ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit Farming) के बारे में। फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर ड्रैगन फ्रूट आपकी आर्थिक सेहत भी सुधार सकता है। ड्रैगन की खेती भारत में बहुत कम होती है। लिहाजा हरियाणा राज्य सरकार ने ड्रैगन की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। राज्य सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ 1,20,000 रुपये की सब्सिडी देने का ऐलान किया है।

इसमें किसान 10 एकड़ में ड्रैगन की खेती के लिए सब्सिडी ले सकते हैं। ड्रैगन फ्रूट की बाजार में काफी डिमांड है। जिससे किसान इस फल की खेती के जरिए मोटी कमाई कर सकते हैं। अब किसान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों के किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं।

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सरकार से मिलती है सब्सिडी

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए इस तरह की योजना शुरू करने वाला हरियाणा पहला राज्य बन गया है। इसमें से प्रति एकड़ 70,000 रुपये ट्रेलिसिंग सिस्टम या जाफरी-जाली प्रणाली की व्यवस्था के लिए और 50,000 रुपये ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाने के लिए दिए जा रहे हैं। किसान हरियाणा राज्य सरकार की बागवानी विभाग की वेबसाइट पर जाकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसमें पहले साल 30,000 रुपये, दूसरे साल 10,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये दिए जाएंगे। अगर आप 10 एकड़ में ड्रैगन की खेती करने जा रहे हैं तो राज्य सरकार से 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। इसके लिए किसानों को मेरी पसल-मेरा ब्योरा पोर्टल (Meri Fasal Mera Byora) पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

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