अक्टूबर से मार्च के बीच इसकी खेती की जाती है। मशरूम बनाने के लिए गेहूं या चावल के भूसे को कुछ केमिकल्स के साथ मिलाकर कंपोस्ट खाद तैयार किया जाता है। कंपोस्ट खाद तैयार होने में महीने भर का समय लगता है। इसके बाद किसी सख्त जगह पर 6-8 इंच मोटी परत बिछाकर मशरूम के बीज लगाए जाते हैं, जिसे स्पॉनिंग भी कहते हैं। बीज को कंपोस्ट से ढक दिया जाता है। करीब 40-50 दिन में आपका मशरूम काटकर बेचने लायक हो जाता है। रोज काफी मात्रा में मशरूम मिलते रहेंगे। मशरूम की खेती खुले में नहीं होती है, इसके लिए शेड वाली जगह की जरूरत होती है। जिसे आप एक कमरे में भी कर सकते हैं।