मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के लिए एक काफी बड़ी गुड न्यूज है। दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के लगभग डेढ़ लाख संविदा कर्मचारियों के लिए परमानेंट कर्मचारियों की तरह से ही फायदे देने का ऐलान किया है। सीएम चौहान ने मंगलवार को संविदा कर्मचारियों की एक सभा को संबोधित करते हुए संविदा सरकारी कर्मचारियों के लिए ईयरली रिन्युअल सिस्टम को खत्म करने का ऐलान किया है। संविदा कर्मचारी पिछले तीन वर्षों से नौकरियों को नियमित करने और राज्य सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाभ देने की मांग कर रहे हैं। भोपाल में संविदा कर्मचारियों के एक सम्मेलन में बोलते हुए सीएम चौहान ने पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी लाभ सहित कई घोषणाएं कीं।
कर्मचारियों को मिलेंगी यह सुविधाएं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को अब राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) का लाभ दिया जाएगा और नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य बीमा की पेशकश की जाएगी। इसके अलावा, किसी कर्मचारी की मृत्यु के मामले में संविदा कर्मचारियों के बच्चे अनुकंपा के आधार पर रोजगार के पात्र होंगे। पहले संविदा कर्मचारियों को मूल वेतन का 90 फीसदी मिलता था। अब सीएम ने घोषणा की है कि संविदा कर्मियों को भी नियमित कर्मचारियों की तरह उनके मूल वेतन का 100 प्रतिशत मिलेगा। सीएम ने यह भी कहा कि संविदा कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी मिलेगी और नियमित पदों पर 50 प्रतिशत नियुक्तियां उनके लिए आरक्षित होंगी। उन्हें भी नियमित कर्मचारियों के बराबर छुट्टियां मिलेंगी और महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश का पूरा लाभ मिलेगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मियों के योगदान की सराहना की। सीएम चौहान ने कहा कि उन्होंने प्रदेश के प्रमुख विभागों में नियमित कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और कई बार उनका योगदान नियमित कर्मचारियों से भी ज्यादा होता है। हालाँकि, कई सारे फायदे मिलने के बावजूद अनुबंध कर्मचारियों की अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग अधूरी रही। संविदा कर्मचारी पिछले तीन वर्षों से राज्य भर में अपनी नौकरियों के नियमितीकरण को लेकर कई विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।