UPI के जरिए साइबर ठगों ने 81 लोगों को लगाया 1 करोड़ रुपये का चूना, जानें आप कैसे सलामत रख सकते हैं अपने पैसे

जहां एक तरफ इस UPI प्लेटफॉर्म आने से हमारी सुविधाओं में इजाफा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ इससे जुड़े फाइनेंशियल फ्रॉड भी खूब तेजी से बढ़े हैं। आए दिन साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों को पैसों का चूना लगाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हालिया घटना मुंबई से सामने आई है। मुंबई में साइबर ठगों ने लोगों की जागरूकता में कमी और उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए 81 लोगों को करोड़ों का चूना लगाया है

अपडेटेड Mar 26, 2023 पर 11:18 AM
UPI के जरिए साइबर ठगों ने 81 लोगों को लगाया 1 करोड़ रुपये का चूना, जानें आप कैसे सलामत रख सकते हैं अपने पैसे

भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए पेमेंट और ट्रांजैक्शन काफी तेजी से बढ़ा है। फिर चाहे वो सेकेंडों में पैसा ट्रांसफर करना हो, बिल भुगतान करना हो, शॉपिंग करना हो या फिर टिकट बुक करना हो इन सभी जरूरी कामों में UPI ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता है। जहां एक तरफ इस तरह के प्लेटफॉर्म आने से हमारी सुविधाओं में इजाफा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ इससे जुड़े फाइनेंशियल फ्रॉड भी खूब तेजी से बढ़े हैं। आए दिन साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों को पैसों का चूना लगाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हालिया घटना मुंबई से सामने आई है।

1 करोड़ रुपये का फ्रॉड आया सामने

मुंबई में साइबर ठगों ने लोगों की जागरूकता में कमी और उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए 81 लोगों को 1 करोड़ रुपये जितनी रकम का चूना लगाया है। हालिया रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा सामने आया है। साइबर ठग लोगों को चूना लगाने के लिए पेमेंट मिस्टेक होने का डर दिखाते हैं और फिर उनके पैसों पर हाथ साफ कर देते हैं। इसी तरह से साइबर ठगों ने मुंबई के 81 लोगों के अकाउंट पर हाथ साफ किया है और कुल 1 करोड़ रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।

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कैसे किया जा रहा है फ्रॉड

साइबर ठग पहले UPI के जरिए लोगों के अकाउंट में कुछ पैसे भेजते हैं। इसके बाद वे कॉल करके लोगों से कहते हैं कि पैसा गलती से भेजा गया और उसे वापस करने की रिक्वेस्ट करते हैं। अगर आपने उनके अकाउंट पर पैसा भेजा तो आपके बैंक की सारी डिटेल जैसे कि केवाईसी से जुड़ी जानकारियों के साथ साथ आपके पैन और आधार की डिटेल भी उन तक पहुंच जाते हैं। इसके लिए साइबर ठग एक तरह के मालवेयर का यूज करते हैं। जिसके बाद वे आपके बैंक अकाउंट को पूरी तरह से हैक करके अपने कब्जे में भी ले सकते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

न्यूज 18 में छपी एक खबर के मुताबिक साइबर अपराध विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने बताया कि यह पूरा प्रॉसेस मालवेयर फिशिंग और और ह्यूमन इंजीनियरिंग का एक मिक्सचर है। जिस वजह से मौजूदा एंटी मालवेयर सिस्टम या सॉफ्टवेयर इस तरह की धोखाधड़ी को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाता है। इससे बचने का सबसे सही तरीका यह है कि किसी भी अंजान नंबर से आने वाली इस तरह की कॉल पर यह जवाब दिया जाए कि हमने अपने बैंक को इस बारे में बता दिया है। इसके अलावा आप ऐसे लोगों को यह भी कह सकते हैं कि वे अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन पर आकर भेजे गए पैसे को कलेक्ट कर लें। आप को किसी भी हाल में किसी भी अजनबी को यूपीआई के जरिए पैसा ट्रांसफर करके उसे स्क्रीनशॉट बिलकुल भी नहीं भेजना चाहिए।

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