क्या आपने कनाडा के एक्सप्रेस एंट्री प्रोग्राम में आवेदन किया है और इनविटेशन टू अप्लाई (ITA) का इंतजार कर रहे हैं? अगर हां तो आपके लिए अच्छी खबर है। कनाडा सरकार ऐसा सिस्टम शुरू करने जा रही है, जिसकी मदद से आप अपने अप्लिकेशन का स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे। इमिग्रेशन रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) जल्द इस सिस्टम को लॉन्च कर देगा। इसका फायदा चार कैटेगरी के आवेदक उठा सकेंगे। इसका मकसद इमिग्रेशन प्रोसेस को पारदर्शी बनाना है। एक्सप्रेस एंट्री एक सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल कनाडा की सरकार कनाडा में नागरिकता के आवेदनों की प्रोसेसिंग के लिए करती है।
इन कैटेगरी के आवेदकों को होगा फायदा
ट्रैकिंग सिस्टम का फायदा फेडरल स्किल्ड वर्कर्स प्रोग्राम (FSWP), कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास (CEC), फेडरल स्किल्ड ट्रेड्स प्रोग्राम (FSTP) और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNPs) कैटेगरी के आवेदक उठा सकेंगे। IRCC ने पिछले साल फैमिली क्लास पर्मानेंट रेजिडेंस अप्लिकेंट्स, स्पॉन्सर्स और उनके प्रतिनिधियों के लिए ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया था।
यह जानकारियां आसानी से मिल जाएंगी
ट्रैकिंग सिस्टम शुरू होने से पूरा प्रोसेस पहले से ज्यादा पारदर्शी हो जाएगा। इससे आपको सभी जरूरी जानकारियां आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी। इससे आपको फैसले लेने में मदद मिलेगी। आप अपने अप्लिकेशन को रिव्यू कर सकेंगे। आप यह भी जान सकेंगे कि आपकी फाइल की प्रोग्रेस क्या है।
इस साल 1,90,000 लोगों को मिलेगी नागरिकता
इस साल कनाडा 1,90,000 लोगों को अपने देश की नागरिकता देगा। इसके लिए एक्सप्रेस एंट्री और पीएनपी चैनलों का इस्तेमाल होगा। 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,30,000 तक पहुंच जाने का अनुमान है। IRCC के डेटा से पता चला है कि 31 जनवरी को एक्सप्रेस एंट्री के प्रोग्राम के तहत अपनी पारी का इंतजार करने वाले आवेदकों की संख्या 47,868 थी। पीएनपी के तहत यह संख्या 66,214 थी।
सही लोगों को ITA देना चाहता है IRCC
IRCC यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सिर्फ सही आवेदकों को ITA दिया जाए। इसके लिए उसने एक्सप्रेस एंट्री प्रोसेस में कई बदलाव भी किए हैं। एक्सप्रेस एंट्री में ऐसी कैटेगरी बनाई गई है, जिसमें आवेदक के एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, ऑफिशियल लैंग्वेज के ज्ञान आदि पर जोर दिया जाता है। इन मानकों के आधार पर आवेदन का सीआरएस स्कोर तैयार होता है।
इमिग्रेशन नियमों को आसान बना रहा कनाडा
कनाडा में प्रॉकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है। लेकिन, इन संसाधनों का इस्तेमाल करने के लिए उसे मैनपावर की जरूरत है। इसलिए पिछले कुछ सालों में उसने अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी को आसान बनाया है। वह शर्तें पूरी करने वाले लोगों को नागरिकता देना चाहता है। कनाडा की नागरिकता हासिल करने में दिलचस्पी दिखाने वाले लोगों में भारतीयों की काफी संख्या है।