डोमेस्टिक हवाई किराये में हो रही बढ़ोतरी, लेकिन वैश्विक स्तर पर अब भी सबसे कम: एक्सपर्ट

इंटरग्लोब टेक्नोलॉजी कोशंट लिमिटेड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संजय कुमार ने कहा कि पिछले तीन साल में, विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के बाद किराये में वृद्धि हुई है फिर भी, औसत किराया दुनिया में सबसे कम है

अपडेटेड May 26, 2024 पर 10:57 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
घरेलू हवाई किराये में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।

पिछली छह तिमाहियों में यात्री यातायात बढ़ने और सीमित क्षमता के कारण प्रमुख मार्गों पर घरेलू हवाई किराये में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बावजूद भारत में घरेलू हवाई टिकट की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं।

हवाई यात्रा

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है और रोजाना औसतन 4.5 लाख यात्री घरेलू उड़ानों से यात्रा करते हैं। जहां देश की आबादी का केवल एक छोटा प्रतिशत हवाई यात्रा करता है वहीं क्षमता की कमी एक प्रमुख चुनौती है क्योंकि कई विमान मुख्य रूप से आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दों के कारण खड़े हैं।


औसत किराया

विमानन परामर्श कंपनी सीएपीए इंडिया ने कहा कि शीर्ष 20 घरेलू मार्गों पर औसत किराये में पिछले दो दशक से उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है लेकिन पिछली छह तिमाहियों तक उनमें लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन मार्गों में मुंबई-दिल्ली, बेंगलुरु-दिल्ली, बेंगलुरु-मुंबई और दिल्ली-हैदराबाद शामिल हैं।

विमान ठप

सीएपीए इंडिया ने इसी सप्ताह एक वेबिनार के दौरान कहा कि यह प्रवृत्ति आपूर्ति श्रृंखला और अन्य मुद्दों के कारण औसतन 150 विमान ठप खड़े होने के कारण है। बयान के अनुसार, संरचनात्मक रूप से उच्च मूल्य निर्धारण वित्त वर्ष 2025-26 तक जारी रहना चाहिए।

औसत किराया दुनिया में सबसे कम

इंटरग्लोब टेक्नोलॉजी कोशंट लिमिटेड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संजय कुमार ने कहा, ‘‘पिछले तीन साल में, विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के बाद किराये में वृद्धि हुई है। फिर भी, औसत किराया दुनिया में सबसे कम है।”

महंगाई

उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए दिल्ली और मुंबई के बीच औसत हवाई किराया लगभग 5,000 से 6,000 रुपये होगा। यह प्रतिशत के संदर्भ में एक बड़ी वृद्धि की तरह लग सकता है, लेकिन समग्र महंगाई दबाव को ध्यान में रखते हुए वृद्धि की मात्रा महत्वपूर्ण नहीं है।’’ सीएपीए इंडिया ने कहा कि मुद्रास्फीति के साथ समायोजित वित्त वर्ष 2003-04 में 4,989 रुपये का औसत किराया वित्त वर्ष 2019-20 में लगभग 11,000 रुपये हो गया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।