ईपीएफओ (EPFO) मेंबर्स के लिए बड़ी खबर है। मोदी सरकार पीएफ खाताधारकों की न्यूनतम पेंशन की राशि जल्द बढ़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कल 20 नवंबर को EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक होने वाली है। इस बैठक में कई बड़े फैसलों पर विचार होना है। बैठक का मुख्य एजेंडा पेंशन की न्यूनतम राशि को बढ़ाना और ब्याज दरों पर फैसला लेना है।
EPFO ने कल 20 नवंबर 2021 को दिल्ली में होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की मीटिंग के लिए सर्कुलर जारी कर दिया है। बैठक में शामिल होने वाले सदस्यों के लिए एजेंडा भी जारी कर दिया है। उम्मीद है कि इस मीटिंग में ब्याज दरों और न्यूनतम पेंशन को लेकर फैसला हो सकता है। CBT की आखिरी बैठक मार्च में श्रीनगर में हुई थी। सीबीटी ने 2020-21 के लिए सदस्यों के खातों में ईपीएफ जमा राशि पर 8.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर देने की सिफारिश की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मौजूदा न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 1,000 रुपये से 6,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की मांग की है, जबकि सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी या CBT इसे बढ़ाकर 3,000 रुपये कर सकता है। ईपीएफओ के पैसे को निजी कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश करने का विवादास्पद मुद्दा भी बैठक में चर्चा का विषय होगा। साथ ही 2021-22 के लिए पेंशन फंड की ब्याज दर क्या हो, इस मुद्दे पर भी फैसला हो सकता है।
सीबीटी न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का फैसला कर सकता है। ट्रेड यूनियन इसे बढ़ाने की मांग कर रही है। माना जा रहा है कि ईपीएफ में जमा रकम पर 8.5 फीसदी की मौजूदा ब्याज दर जारी रह सकता है। मौजूदा ब्याज दर में कोई बदलाव होने की संभावना कम है।