फ्लाइट कहीं भी सबसे जल्दी पहुंचने का सबसे आसान जरिया है। फ्लाइट के जरिए आप लंबी दूरी की यात्रा को बस कुछ ही घंटों में तय कर सकते हैं। हालांकि कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि जब हमारी फ्लाइट डिले हो जाती है या फिर कैंसल कर दी जाती है। ऐसे में आपके पास पैसेंजर के तौर पर कुछ ऐसे अधिकार भी होते हैं जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं और इससे आपको काफी कम परेशानी भी होगी। भारत की एविएशन मिनिस्ट्री का पैसेंजर चार्टर प्लेन में यात्रा करने वालों को इन अधिकारों की गारंटी देता है। इन अधिकारों के तहत एक यात्री के तौर पर आप मुआवजे या फिर रिफंड की मांग भी कर सकते हैं।
फ्लाइट डिले होने पर आपके पास हैं ये अधिकार
फ्लाइट की एक ब्लॉक टाइमिंग होती है। ब्लॉक टाइमिंग से मतलब होता है कि फ्लाइट को एक जगह से उड़ान भरकर दूसरी जगह पहुंचने में कितना वक्त लगता है। यानी डिपार्चर और अराइवल की टाइमिंग। ब्लॉक टाइमिंग में वह वक्त भी सामिल होता है जब कोई प्लेन रनवे पर दौड़ रहा हो। अगर किसी फ्लाइट की ब्लॉक टाइमिंग दो घंटे की है और वह फ्लाइट 2.5 घंटे डिले हो जाए तो ऐसी स्थिति में यात्रियों को रिफ्रेशमेंट दिया जाएगा।
तीन से पांच घंटे डिले पर ये हैं नियम
इसी तरह अगर किसी फ्लाइट की ब्लॉक टाइमिंग 2.5-5 घंटे की है और वह फ्लाइट 3 घंटे डिले हो जाती है तो उस केस में भी पैसेंजर्स को रिफ्रेशमेंट मिलता है। फ्लाइट के चार घंटे डिले होने पर भी पैसेंजर्स को रिफ्रेशमेंट दिया जाता है। अगर किसी फ्लाइट की ब्लॉक टाइमिंग तीन घंटे है और वह 2 घंटे 40 मिनट लेट हो जाती है तो फिर पैसेंजर्स को कोई भी रिफ्रेशमेंट नहीं दिया जाएगा।
6 घंटे से ज्यादा डिले पर ये हैं नियम
वहीं अगर कोई फ्लाइट 6 घंटे से ज्यादा डिले है तो फिर एयरलाइन को इसकी सूचना कम से कम 24 घंटे पहले से देनी होगी। साथ ही एयरलाइन के लिए यह भी जरूरी होगा कि वे पैसेंजर्स को या तो दूसरी फ्लाइट दें या फिर उनके पैसे रिफंड करें। वहीं अगर आपकी फ्लाइट रात के 8 बजे से सुबह 3 बजे के बीच है और वो 6 घंटे से ज्यादा लेट है तो फिर एयरलाइन को आपके लिए होटल बुक करना होगा। वहीं फ्लाइट के 24 घंटे लेट होने पर भी होटल की बुकिंग करनी पड़ती है।
फ्लाइट कैंसल होने पर क्या होगा
अगर फ्लाइट कैंसल होने पर यात्रियों को सूचना नहीं दी जाती है तो उनके लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम किया जाएगा या फिर पैसेंजर्स को फुल रिफंड के साथ मुआवजा भी दिया जाएगा। मुआवजे की रकम ब्लॉक टाइम के हिसाब से तय होती है। अगर किसी फ्लाइट का ब्लॉक टाइम 1 घंटे से कम है तो फिर ऐसी स्थिति में 5,000 का मुआवजा या फिर एक तरफ का बेसिक फेयर देना होता है। इसी तरह अगर आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट है और एक फ्लाइट के मिस होने पर आपकी दूसरी फ्लाइट छूट जाती है तो पैसेंजर के लिए दूसरी फ्लाइट की टिकट को अरेंज करना होगा।