Geojit Financial Services : अग्रणी ब्रोकरेज फर्म जिओजित फाइनेंसियल सर्विसेज की एनबीएफसी आर्म जिओजित क्रेडिट्स (Geojit Credits) ने बुधवार को शेयरों के बदले लोन (loans against shares या एलएएस) ऑफर करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लन्च किया। इस प्रकार जिओजित नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लि. (एनएसडीएल) में पंजीकृत किसी भी डिमैट अकाउंट होल्डर को डिजिटली एलएएस की पेशकश करने वाली पहली कंपनी बन गई है।
एक मिनट से भी कम वक्त में कर सकते हैं अप्लाई
कोच्चि में यह सर्विस लॉन्च करते हुए एनएसडीएल की एमडी पद्मजा चंद्रू ने कहा कि यह डिजिटल एलएएस फैसिलिटी इनवेस्टर्स को तुरंत लिक्विडिटी उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे उन्हें अपने इनवेस्टमेंट्स के लिए फंड हासिल हो या अपने तात्कालिक निजी खर्चे पूरा करने में मदद मिले।
उन्होंने कहा कि एलएएस डिजिटिल फैसिलिटी इस्तेमाल करते हुए एक एनएसडीएल डीमैट अकाउंट होल्डर एक मिनट से भी कम वक्त में अपने डीपी को गिरवी की रिक्वेस्ट भेज सकता है।
ऑनलाइन होंगे सभी डॉक्युमेंटेशन
जिओजित ग्रुप के फाउंडर और एमडी सी जे जॉर्ज ने कहा कि अपनी पसंद की स्कीम चुन सकेंगे और ऑनलाइन सभी डॉक्यूमेंटेशन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एक बार लोन एप्लीकेशन पर डिजिटल हस्ताक्षर होने और स्वीकृति के बाद धनराशि क्लाइंट के बैंक खाते में आ जाएगी और इस्तेमाल की गई धनराशि के लिए ब्याज देना होगा।
रिपेमेंट के कई ऑप्शन, आकर्षक ब्याज दर
जिओजित ने कहा कि प्लेटफॉर्म जिओजित क्रेडिट्स के साथ रिपेमेंट के लचीले ऑप्शंस के साथ अधिकतम फंडिंग उपलब्ध कराता है। साथ ही चुनिंदा योजनाओं के तहत आकर्षक ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
जॉर्ज ने कहा कि अक्टूबर, 2021 तक एलएएस मार्केट 55,300 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है और यह सालाना 23-35 फीसदी की दर से बढ़ रहा है, लेकिन जटिल पेपरवर्क के चलते एलएएस स्कीम में देरी होती है और क्लाइंट समय पर लोन लेने में नाकाम होते हैं।
जो क्लाइंट शेयर गिरवी रखकर एलएएस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उनके पास अपने डीमैट खातों में इलिजिबिल शेयरों की फ्री होल्डिंग होनी चाहिए। साथ ही उनका संतोषजनक सिबिल स्कोर भी होना चाहिए। उन्होंने कहा, जिनका एनएसडीएल के साथ डीमैट खाता है वे सभी इस सुविधा के तहत लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि ब्रोकर कौन है। उन्होंने कहा कि एनएसडीएल और जिओजित टेक्नोलॉजिस ने यह प्लेटफॉर्म विकसित किया है।