आधार कार्ड (Aadhaar Card) आज के वक्त में सबसे जरूरी और अहम दस्तावेज बन चुका है। आज के वक्त में बिना इसके कोई भी जरूरी काम हो ही नहीं सकता है। लगभग हर एक सरकारी सुविधा और काम में आधार कार्ड अनिवार्य तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है। जिस वजह से लगभग हर किसी के पास आधार कार्ड का होना बहुत जरूरी है।
बच्चों का भी बनता है आधार कार्ड
सरकार की तरफ से बच्चों का आधार कार्ड बनवाना भी जरूरी कर दिया गया है। बच्चों के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले आधार कार्ड को बाल आधार कहते हैं। आप अगर चाहें तो अपने बच्चे के जन्म के साथ ही बाल आधार बनवा सकते हैं। बच्चों का आधार कार्ड बनवाते वक्त साधारण आधार कार्ड के मुकाबले कम दस्तावेज देने होते हैं। बाल आधार को पेरेंट्स के आधार कार्ड के जरिए बनाया जाता है। बाल आधार बनाते वक्त बच्चों के फिंगरप्रिंट और बाकी के दस्तावेज नहीं देने होते हैं।
देने होते हैं ये दस्तावेज
नवजात बच्चे के लिए बाल आधार बनवाते वक्त हॉस्पिटल की डिस्चार्ज स्लिप या फिर बर्थ सर्टिफिकेट देना जरूरी होता है। वहीं अगर आपका बच्चा स्कूल जाता है तो फिर उसकी स्कूल आईडी देनी होगी। इसे बनवाने के लिए आपके पास बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट होना चाहिए। साथ ही डिपेंडेंट के तौर पर माता पिता के आधार कार्ड की डिटेल भी देनी होती है। बाल आधार कार्ड को नीले आधार कार्ड के तौर पर भी जाना जाता है। आइये इसे बनवाने का तरीका भी जान लेते हैं।
कैसे बनता है बाल आधार कार्ड
सबसे पहले UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट uidai.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद आपको वहां पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आपको आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद बच्चे के माता पिता की डिटेल देनी होगी। जिसमें बच्चे का नाम, माता-पिता का फोन नंबर और बायोमैट्रिक डेटा होगा। फिर आपको डेमोग्राफिक जानकारी जैसे कि घर का पता, कम्युनिटी और स्टेट समेत दूसरी जानकारियों को फॉर्म में भरना होगा। इसके आगे की कार्रवाई के लिए आपको आधार सेंटर जाना होगा। वहां पर आपको बच्चे और अपनी पूरी जानकारी को वरिफाई करवाना होगा।