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Indian Railways: कोरोना काल में बुजुर्गों को नहीं मिली छूट, रेलवे ने करीब 4 करोड़ बुजुर्गों से वसूला पूरा किराया

RTI के जरिए पता चला है कि कोरोना के दौर में रेलवे ने सीनियर सिटीजन्स को मिलने वाली छूट खत्म कर दी और पूरा किराया वसूला

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 22, 2021 पर 1:11 PM
Indian Railways: कोरोना काल में बुजुर्गों को नहीं मिली छूट, रेलवे ने करीब 4 करोड़ बुजुर्गों से वसूला पूरा किराया

Indian Railways: कोरोना महामारी से कई देशों की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। संक्रमण की चपेट में आकर लाखों लोगों ने अपनी जा गंवाई, इनमें बुजुर्गों की संख्या भी बड़ी है। भारत में कोरोना काल का लेकर बुजुर्गों यानी सीनियर सिटीजन्स को कई तरह की सुविधाएं दी गईं, लेकिन बुजुर्गों के प्रति रेलवे का नजरिया कुछ अलग रहा। कोरोना काल में जिन बुजुर्गों ने यात्रा की है, उन्हें पूरा किराया देना पड़ा है। इस बात का खुलासा एक RTI के जरिए हुआ है। इसमें बुजुर्गो को मिलने वाली छूट खत्म कर दी और करीब चार करोड़ सीनियर सिटीजन से पूरा किराया बसूला।

मध्य प्रदेश के एक शख्स ने मांगा जवाब

मध्य प्रदेश के रहने वाले चंद्रशेखर गौड़ द्वारा दायर एक RTI के जवाब में रेलवे ने कहा है कि 22 मार्च, 2020 से सितंबर 2021 के बीच 37,850,668 वरिष्ठ नागरिकों ने ट्रेनों में यात्रा की है। दरअसल, कोरोना की वजह से मार्च, 2020 से पूरी तरह से लॉकडाउन लगा दिया गया था, इसके बाद से ही इंडियन रेलवे ने ट्रेनों का आवागमन बंद कर दिया था। कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद जब ट्रेनों को दोबारा शुरू किया तो बुजुर्ग यात्रियों को रेलवे की मार झेलनी पड़ी। तकरीबन चार करोड़ बुजुर्ग यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए पूरा किराया देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

वरिष्ठ नागरिकों को भारतीय रेलवे (Indian Railway) में मिलने वाली रियायतों की बात करें तो महिलाओं को 50 फीसदी छूट मिलती है, जबकि पुरुषों को 40 फीसदी रियायत मिलती है। जिसके लिए महिलाओं की न्यूनतम उम्र 58 साल और पुरुषों के लिए 60 साल है।

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