इनवर्टर में पानी कितने दिन में डालना चाहिए? थोड़ी सी लापरवाही पड़ जाएगी भारी

Inverter Battery Water: इनवर्टर की बैटरी का पानी बदलने के लिए आपको लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए। दरअसल इसका एक फिक्स टाइम है और उससे लेट होना बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है। इनवर्टर अच्छे से काम करें इसलिए जरूरी है कि इसकी बैटरी में सही लेवल तक पानी भरा हो। पानी कम हो जाता है तो इन्वर्टर ठीक से परफॉर्म नहीं कर पाता है

अपडेटेड Jun 24, 2024 पर 1:53 PM
Inverter Battery Water: नियमित रूप से बैटरी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हर 45 दिन में पानी के लेवल जरूर चेक करें।

आज के समय में इलेक्ट्रिसिटी के बिना एक दिन भी गुजारा मुश्किल है। कुछ लोगों के लिए तो बिना बिजली के एक घंटा भी रह पाना परेशानी भरा होता है। वैसे तो हर जगह बिजली आपूर्ति सरकार की ओर से पोल टू पोल की जाती है। लेकिन 24 घंटे इसके रहने की गारंटी नहीं होने के कारण बैक अप के लिए इन्वर्टर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में अगर अपने घर में हर समय बिजली के सप्लाई को बनाए रखने के लिए इन्वर्टर यूज करते हैं, तो यह लेख आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। यहां हम आपको बैटरी में पानी रिफिल करने से जुड़ी अहम बातों को बता रहे हैं।

दरअसल, बिजटी कटौती आम बात है। खासतौर पर गर्मी में जब लोड बढ़ जाता है तो खूब लाइट जाती है। घर पर लाइट नहीं आती है तो लगता है सारा काम रुक गया है। जब लाइट खूब जाती है तो वहां इंटवर्टर के बिना तो बिलकुल गुज़ारा नहीं होता है। खासतौर पर गर्मी के मौसम में बिजली का जाना मतलब तुरंत पसीना टपकने लगना। हालांकि अब लोगों के घरों में इन्वर्टर लगने लगा है। इसके होने से बिजली की कमी ज़्यादा महसूस नहीं होती है।

इनवर्टर में कब डालें पानी


इनवर्टर की बैटरी का पानी नियमित समय पर बदलने की जरूरत होती है। ताकि बैटरी की बेहतरीन तरह से काम करती रहे। इसके साथ ही उसकी लाइफ भी बनी रहे। बैटरी का पानी बदलने में कितने समय का गैप होना चाहिए ये बैटरी के प्रकार, आपके उपयोग की तरीका और आपके उपयोग क्षेत्र के आधार पर अलग हो सकता है। हर 45 दिन में इन्वर्टर बैटरी के वॉटर लेवल को चेक करें और ध्यान रखें कि पानी मिनिमम लेवल से नीचे न हो। हालांकि एक नॉर्मल इस्तेमाल पर इनवर्टर बैटरी का पानी 4-5 महीने में कम होने लगता है। जब हमें लगे कि पॉइंट नीचे हो गया है तो पानी में रिफिल करना चाहिए।

बैटरी के हरे निशान को हमेशा ध्यान रखें

हर बैटरी पर इनवर्टर बैटरी वॉटर फिलर लेवल का एक इंडिकेटर मौजूद होता है। अगर इंडिकेटर Green निशान पर है, तो आपके इनवर्टर में पर्याप्त पानी है। लेकिन अगर यह Red यानी लाल निशान है, तो मतलब पानी जितना होना चाहिए उससे नीचे चला गया है और इसे बदलने की जरूरत है। पानी डालने से पहले, ये जरूर देख लें कि इन्वर्टर और पावर सॉकेट स्विच बंद हो। प्लग को भी बोर्ड से निकाल दें, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना न हो।

बैटरी में डिस्टिल्ड वाटर ही डालें

इनवर्टर की बैटरी में सिर्फ डिस्टिल्ड वाटर को डालने की सलाह दी जाती है। इसमें नल या आरओ द्वारा शुद्ध किए गए पानी को डालने की गलती बिल्कुल न करें। क्योंकि इसमें अशुद्धियां होती है, जो बैटरी को खराब करने का काम करती है। डिस्टिल्ड वॉटर को आप ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं।

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