नौकरीपेशा लोगों की सैलरी का एक हिस्सा पीएफ (PF) के तौर पर काटा जाता है। जितना हिस्सा उनकी सैलरी से काटा जाता है ठीक उतना ही हिस्सा इंप्लॉयर की तरफ से भी जमा किया जाता है। पीएफ अकाउंट को EPFO की तरफ से मैनेज किया जाता है। ईपीएफओ के मेंबर्स अलग अलग कामों के लिए उमंग ऐप या फिर इसके पोर्टल के जरिए अपना पैसा निकाल भी सकते हैं। इसके लिए उनको किसी भी तरह के सर्टिफिकेट या फिर दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
