बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट के लिए आधार कार्ड देना अब जरूरी नहीं, सरकार ने किया नियमों में बदलाव

अब बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेश के लिए आधार डिटेल देना अब ऑप्शनल बना दिया गया है। अब लोगों के पास रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान अपनी डिटेल देते समय आधार वेरिफिकेशन के लिए हां या नहीं चुनने का ऑप्शन होगा। यह वरिफिकेशन प्रोसेस मृत्यु की स्थिति में परिवार के सदस्यों की पहचान स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा

अपडेटेड Jun 29, 2023 पर 7:31 PM
बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेश के लिए आधार डिटेल देना अब ऑप्शनल बना दिया गया है

सरकार ने बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट के लिए आधार कार्ड (Aadhaar Card) के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। अब बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेश के लिए आधार डिटेल देना अब ऑप्शनल बना दिया गया है। अब लोगों के पास रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान अपनी डिटेल देते समय आधार वेरिफिकेशन के लिए हां या नहीं चुनने का ऑप्शन होगा। यह वरिफिकेशन प्रोसेस मृत्यु की स्थिति में परिवार के सदस्यों की पहचान स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। 27 जून को पब्लिश किए गए गैजेट नोटिफिकेशन में यह ऐलान किया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल ऑफिस को बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट के दौरान दिए गए पहचान डिटेल को वेरिफाई करने के लिए आधार डेटाबेस का इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है।

राज्य सरकारों भी दी गई गाइडलाइन

राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को नए आदेशों को लागू करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया में आधार प्रमाणीकरण को शामिल करके, सरकार का लक्ष्य रिकॉर्ड की बेहतर सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। उम्मीद है कि यह पहल गैर पंजीकृत जन्मों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने में मदद करेगी और जनसांख्यिकीय डेटा प्रबंधन के लिए अधिक मजबूत आधार प्रदान करेगी। नवीनतम कदम भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जन्म प्रमाण पत्र जारी करते समय आधार आवंटित करने की योजना लागू करने के बाद आया है। यह योजना 20 से अधिक राज्यों में पहले से ही क्रियाशील है और शेष राज्य सरकारों द्वारा भी जल्द ही इसे लागू किए जाने की उम्मीद है।

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2020 में बनाए गए थे नियम

साल 2020 में MEiTY ने नियमों को अधिसूचित किया था। इसमें यह बताया गया था कि केंद्र सरकार गुड गवर्नेंस और पब्लिक फंड के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आधार वेरिफिकेशन की मंजूरी दे सकता है। नियमों के अनुसार, आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करने के इच्छुक मंत्रालय या राज्य सरकारों को ऐसे प्रमाणीकरण को उचित ठहराने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करना होगा और इसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के संदर्भ में केंद्र को प्रस्तुत करना होगा।

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