प्राकृतिक सुंदरता से भरा दक्षिणी राज्य केरल देश ही नहीं, दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। यह खूबसूरत राज्य अपनी खास भौगोलिक स्थिति, बैकवाटर्स, आकर्षक कला-शैलियों और मसालों के लिए जाना जाता है। शांत बैकवाटर्स के अलावा केरल साफ-सुथरे बीच, हाउसबोट्स, चाय के दूर-दूर तक फैले बागानों, नायाब आर्किटेक्चर वाली इमारतों, आयुर्वेदीय आरोग्यशालाओं और अपने लाजवाब जायकों के लिए भी मसहूर है। लेकिन इन दिनों केरल कुछ अलग ही काम के लिए सुर्खियों में छाया हुआ है। इस राज्य में सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी मई महीने में रिटायर होते हैं। साल 2024 में 31 मई को 16,000 से ज्यादा सरकारी कर्मचारी रिटायर हुए थे।
एक साथ इतने सारे कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट के लिए केरल सरकार को करीब 9000 करोड़ रुपये का भार पड़ गया। केरल फिलहाल आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। राज्य को ओवरड्राफ्ट लेना पड़ा है। वहीं पिछले साल इसी तारीख को 11800 कर्मचारी रिटायर हुए थे।
आखिर क्यों एक साथ रिटायर होते हैं कर्मचारी
एक साथ इतने सारे कर्मचारियों के रिटायरमेंट की वजह भी काफी रोचक है। केरल के इतिहास में 31 मई बेहद खास दिन माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी रिटायर होते हैं। ऐसे में आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसी दिन केरल में कर्मचारी रिटायर क्यों होते हैं। दरअसल, पहले के समय में पैरेंट्स बच्चे की जन्म तिथि वही दर्ज करा देते थे। जिस दिन वह स्कूल में दाखिला लेने जाता था। आमतौर पर स्कूलों में दाखिले जून में शुरू होते हैं। उस वक्त कोई भी आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र की मांग नहीं होती थी। ऐसे में अधिकतर लोगों की डेट ऑफ बर्थ 31 मई लिखा दी जाती थी। इसके ऐतिहासिक परंपरा के चलते आज सरकार के सामने यह संकट खड़ा हुआ है। केरल में मई में स्कूल बंद रहते हैं। जून में खुलते हैं।
56 साल में रिटायर होते हैं सरकारी कर्मचारी
केरल में सभी राज्य सरकार के कर्मचारी 56 साल की उम्र में रिटायर होते हैं। इस साल 16,000 से ज्यादा सरकारी कर्मचारी 31 मई को रिटायर हुए हैं। ये सभी 56 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं।