मोदी सरकार नहीं इन्होंने किया हफ्ते में 4 दिन काम करने का ऐलान, नहीं कटेगी सैलरी और बस होगी 32 घंटे की नौकरी

अब बिना सैलरी कट के चार दिन नौकरी करने का सपना पूरा हो सकता है

अपडेटेड Jan 19, 2022 पर 12:27 PM
मोदी सरकार नहीं इन्होंने किया हफ्ते में 4 दिन काम करने का ऐलान, नहीं कटेगी सैलरी और बस 32 घंटे की नौकरी

अब बिना सैलरी कट के चार दिन नौकरी करने का सपना पूरा हो सकता है। बिना वेतन कटौती के काम पर कम समय बिताने का सपना ज्यादातर कर्मचारियों के लिए एक वास्तविकता बनने वाला है। हफ्ते में चार दिन काम करने का ट्रेंड यूके (United Kindom) में लगभग 30 कंपनियों के साथ शुरू होने वाला है। इन कंपनियों ने ट्रायल के लिए साइन किया है। छह महीने चलने वाले इस प्रोग्राम में कर्मचारियों को हफ्ते में सिर्फ 32 दिन काम करने की इजाजत दी जाएगी। जबकि, इसके बदले मिलने वाली सैलरी या फायदों में कोई कमी नहीं आएगी।

इंग्लैंड में हफ्ते में चार दिन काम कैम्पेन (Four Day Week Campaign) के निदेशक जो राइल ने एक फोन साक्षात्कार में कहा कि चार-दिवसीय सप्ताह में जाना कंपनियों के लिए एक सही फैसला साबित होगा। उन्होंने कहा कि अध्ययनों से पता चला है कि हफ्ते में 4 दिन काम करने से प्रोडक्टिविटी बेहतर होती है और ये लेबर के फायदे में भी है।

यूके में पायलट प्रोजेक्ट की तरह दुनिया भर में 4 दिन वर्किंग डेज वीक ग्लोबली चलाए जा रहे कई प्रोजेक्ट जैसा है। ये हफ्ते में 4 दिन काम करने के छोटे हफ्ते की वकालत करते हैं। इसी तरह के प्रोग्राम अमेरिका और आयरलैंड में शुरू होने वाले हैं, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के लिए और अधिक योजना बनाई गई है।


4 डे वीक ग्लोबल ने एक बयान में कहा कि उत्पादकता पर ध्यान देने के अलावा शोधकर्ता श्रमिकों की भलाई पर प्रभाव को मापेंगे और पर्यावरण और लैंगिक समानता पर कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन भी करेंगे। अभियान के एक पायलट प्रोग्राम मैनेजर जो ओ कॉनर ने कहा कि यह कार्यक्रम कंपनियों को केवल यह मापने में मदद करेगा कि प्रोडक्शन पर तेज ध्यान लगाकर वह कितने समय काम कर रहे हैं।

 

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