PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान सम्मान निधि के पैसों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में 9000 ऐसे किसान सामने आए हैं, जिनकी मौत हो गई है। इसके बावजूद पीएम किसान सम्मान निधि के तहत उन्हें 2000 रुपये किश्त मिल रही थी। फिलहाल इस मामले में अब प्रशासन पैसे वसूली करने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये केंद्र सरकार की ओर से भेजे जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह खुलासा विभाग की ओर से कराए जा रहे भू सत्यापन के दौरान हुआ है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कुल 3,65,317 किसानों के भूमि का सत्यापन हो चुका है। इसमें से 9000 ऐसे किसान मिले हैं। जिनकी मौत हो चुकी है। इसके बावजूद इन किसानों के अकाउंट में पीएम किसान सम्मान निधि के पैसे लगातार भेजे जा रहे हैं। वहीं सत्यापन के दौरान करीब 3,000 ऐसे किसान मिले हैं। जिनके नाम से खेती की जमीन नहीं है। बावजूद इसके सम्मान निधि का फायदा उठा रहे हैं। फिलहाल इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि मृतक लाभार्थियों के नाम योजना से हटाए जाएंगे। लिहाजा किसान के मृत्यु प्रमाण पत्र और वरासत जुटाई जा रही है।
बता दें कि फतेहपुर जिले में 75 फीसदी किसानों का भूमि सत्यापन हो चुका है। अभी यह काम जारी है। ऐसे फर्जी किसानों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जो लोग भूमिहीन थे। उनसे पैसे वसूलने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इन लोगों को नहीं मिलते पैसे
अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान से जमीन लेकर किराए पर खेती करते हैं। तब ऐसी स्थिति में उसे भी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। पीएम किसान में लैंड की ओनरशिप जरूरी है। वहीं अगर कोई किसान या परिवार में कोई संवैधानिक पद पर है तो उसे लाभ नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट्स और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। भले ही वो किसानी भी करते हों। इसके साथ ही 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ट कर्मचारियों को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा।