PM Kisan Samman Nidhi: केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए दी जा रही है। लेकिन कई ऐसे फर्जी किसान सामने आ गए हैं। जो इस योजना का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। अब सरकार फर्जी किसानों को पहचान करने जुटी हुई है। इतना ही नहीं उनसे पैसो की वसूली भी हो रही है। उत्तर प्रदेश में 7 लाख से ज्यादा किसान ऐसे हैं जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लिया है। भूलेख सर्वे में यह खुलासा हुआ है। ऐसे किसानों से रिकवरी की जा रही है। अब तक कुल 26 करोड़ वसूल जा चुके हैं। इन किसानों को निधि के 13वीं किश्त भी नहीं दि जाएगी।
दरअसल, सरकार को जानकारी मिल रही थी कि कई फर्जी किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार भूलेख सर्वे करा रही है। सर्वे तहसील स्तर पर राजस्व की टीमें कर रही हैं। इसमें बड़े पैमाने पर फर्जी किसानों की लिस्ट सामने आई है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने उन किसानों की पड़ताल शुरू कर दी, जोकि फर्जी बनकर सरकार सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। राज्य सरकार की जांच में सामने आया है कि यूनीक नंबर होल्डर्स किसानों की संख्या वेरिफिकेशन से पहले प्रदेश में 2,17,98,596 थी। वेरिफिकेशन के बाद यह 2,10,87,849 का डाटा ही सही पाया गया है। इन्हें रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है। बाकी 7,10,747 किसानों को अपात्र मान लिया गया है। 12वीं किश्त में उत्तर प्रदेश के किसानों को 48,324 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं 11वीं किश्त में प्रदेश के 2.6 करोड़ किसानों को 51,640 करोड़ रुपये दिए गए थे।
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि अपात्र किसानों से 25-26 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। अभी सर्वे का काम चल रहा है। जिसमें डेटा दुरुस्त किया जा रहा है। इससे अभी और अपात्र किसान सामने आ सकते हैं।
पति-पत्नी उठा रहे थे फायदा
जांच में बहुत से अपात्र किसान सामने आए हैं। कई ऐसे किसान हैं जो पति-पत्नी मिलकर फायदा उठा रहे थे। सरकारी कर्मचारियों तक ने इस योजना का लाभ हासिल किया है। कई ऐसे लोगों ने सम्मान निधि के पैसे हड़प लिए हैं जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं। कुछ ऐसे किसान भी हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। उनके अकाउंट में पैसे पहुंच रहे हैं। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सरकार सालाना 6,000 रुपये मुहैया कराती है। ये पैसे 3 किश्तों में जारी किए जाते हैं। यह पैसे उन्हीं किसानों को मिलता है। जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन हो।